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बड़ा फैसला: किसानों से 120 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पराली खरीदेगी हरियाणा सरकार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)

किसानों (Farmers) को आश्वस्त किया कि सरकार (Government) किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने देगी.

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चंडीगढ़. हरियाणा सरकार किसानों को बड़ी राहत देने जा रही है. हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल (Banwari Lal) ने कहा कि पराली से भी ब्रीकेट्स बनाए जाएंगे और सरकार ने 120 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से पराली खरीदने का निर्णय लिया है. इस फैसले से एक तो किसानों (Farmers) को आर्थिक लाभ पहुंचेगा, दूसरा प्रदूषण (Pollution) भी नहीं होगा.

डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए चीनी के साथ-साथ अन्य वस्तुओं का भी मिलों में उत्पादन किया जाएगा।. कैथल चीनी मिल में बायोफ्यूल ब्रिकेट प्लांट संयंत्र लगाया गया है. इस प्लांट में बगास गिट्टी को एक आधुनिक इंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है और यह कोयले का एक बेहतर विकल्प है. उन्होंने कहा कि यह प्रयोग दूसरे चीनी मिलों में भी किया जाएगा.

डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि चीनी मिलों की आमदनी बढ़ाने के लिए शाहाबाद चीनी मिल में एथलॉन बनाने का प्लांट मार्च माह में आरंभ होने जा रहा है. इसी प्रकार से महम, कैथल व पलवल की चीनी मिलों में आर्गेनिक गुड़ व शक्कर का उत्पादन 15-20 दिनों में आरंभ हो जाएगा. उन्होने कहा कि रोहतक चीनी मिल में रिफाइन्ड चीनी बनाने का कार्य शुरू किया गया है तथा इसकी पांच व एक किलो की पैकिंग में बनाई जाएगी.



किसानों को नहीं आएगी कोई दिक्कत
उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने देगी. उन्होंने घोषणा की कि अगले 15 दिनों में महम चीनी मिल में अटल किसान कैंटीन का शुभारंभ कर दिया जाएगा. इस कैंटीन में 10 रूपए के हिसाब से किसानों को मिल में खाना मिलेगा. उन्होंने कहा कि एक थाली पर 25 रूपए खर्च आता है, लेकिन किसान को केवल 10 रूपए देने होंगे, जबकि 15 रूपए सरकार द्वारा वहन किये जाएंगे.

मिल की रिकवरी साढ़े 10 प्रतिशत होनी चाहिए

उन्होंने आदेश देते हुए कहा कि मिल की रिकवरी साढ़े 10 प्रतिशत होनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की किसी भी चीनी मिल में किसानों की बकाया राशि नहीं है. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए चीनी मिलों में पूरी व्यवस्था ऑनलाइन की गई है तथा भुगतान भी ऑनलाइन तरीके से किया जा रहा है.
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