हरियाणा में गिरेगी या बचेगी खट्टर सरकार? अग्निपरीक्षा आज, JJP ने बढ़ाई टेंशन

उन्होंने हरियाणा विधानसभा में तीन केंद्रीय कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करने की मांग की थी. (फाइल फोटो)

उन्होंने हरियाणा विधानसभा में तीन केंद्रीय कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करने की मांग की थी. (फाइल फोटो)

Congress No Confidence Motion: किसान आंदोलन को लेकर विधानसभा में कांग्रेस के अविश्‍वास प्रस्‍ताव से पहले JJP के चार विधायकों ने तीखे तेवर दिखाए हैं. देवेंद्र बबली ने दुष्यंत चौटाला को खट्टर सरकार से अलग हो जाने की दी है सलाह.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 9:48 AM IST
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चंडीगढ़. 10 मार्च यानि आज मनोहर सरकार के लिए बेहद अहम है. आज हरियाणा सरकार की अग्निपरीक्षा है. तीनों कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) लाने जा रही है. इसके लिए पार्टी ने पूरी तैयारी कर ली है. नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में ये अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है, जिससे साफ हो जाएगा कि कौन सा विधायक सरकार के साथ खड़ा है और कौन किसानों के साथ.

कृषि बिलों के खिलाफ सदन ही नहीं, सड़क पर भी संग्राम छिड़ा हुआ है. किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हैं तो कांग्रेस सत्ता पक्ष को घेर रही है. हरियाणा में कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और कांग्रेस विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रही है.

कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के बाद बीजेपी ने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया है. जिसका मतलब है कि बीजेपी के विधायकों को ना सिर्फ सदन में मौजूद रहना होगा बल्कि पार्टी के साथ खड़ा भी रहना होगा. जिससे इतना तो साफ है कि अविश्वास प्रस्ताव की वजह से मनोहर सरकार में भी खलबली है.

जेजेपी विधायकों ने बढ़ाई चिंता
जननायक जनता पार्टी के चार विधायकों के तीखे तेवर ने जजपा और उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला की टेंशन बढ़ा दी है. टोहाना से जजपा के विधायक देवेंद्र बबली ने तो मंगलवार शाम कह दिया कि वह अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर पार्टी के व्हिप का पालन करेंगे, लेकिन दुष्‍यंत चौटाला से कहेंगे कि इस सरकार से अलग हो जाएं. अब जनता के बीच जाना मुश्किल हो गया है. विधानसभा में भी सोमवार को टोहाना से जजपा विधायक देवेंद्र बबली ने कृषि कानूनों को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए थे. विधानसभा में मंगलवार को बरवाला से जजपा विधायक जोगीराम सिहाग, नारनौंद के विधायक रामकुमार गौतम और गुहला से विधायक और जजपा विधायक दल के उपनेता ईश्वर सिंह ने कई तीखे सवाल उठाकर अपनी पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

किसके पास कितने विधायक

इस समय भाजपा के पास 40, जजपा के 10, कांग्रेस के 30, निर्दलीय सात और एक हलोपा विधायक हैं. भाजपा, जजपा व निर्दलीय विधायकों में बलराज कुंडू को छोड़ दिया जाए तो भी सरकार के पास विधायकों का आंकड़ा 56 बनता है. अगर सभी निर्दलीय और जजपा के विधायक खट्टर सरकार के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो सरकार गिर सकती है. लेकिन कुछ विधायक भले ही सरकार का विरोध कर रहे हों पर वोट उन्हीं हो डालने की बात कर रहे हैं.
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