हरियाणा अविश्वास प्रस्तावः CM खट्टर बोले- अपने विधायकों को संभाल कर रखे विपक्ष, हमें कोई खतरा नहीं

भाजपा ने अपने विधायकों को कहा है कि सदन के नेता की अनुमति बिना कोई सदन नहीं छोड़ेगा.

भाजपा ने अपने विधायकों को कहा है कि सदन के नेता की अनुमति बिना कोई सदन नहीं छोड़ेगा.

Haryana no-confidence motion: हरियाणा विधानसभा में अभी 88 सदस्य हैं, गठबंधन सरकार को बहुमत के लिए 45 का आंकड़ा ही चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 10:18 AM IST
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चंडीगढ़. कांग्रेस आज हरियाणा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने जा रही है. कांग्रेस के इस अविश्वास प्रस्ताव पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने प्रतिक्रिया दी है. सीएम ने कहा कि विपक्ष अपने लोगों को संभाल के रख ले ये ही बहुत बड़ी बात है. हमें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. सरकार के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है वो निश्चित गिरेगा.

वहीं हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार जिस बहुमत के साथ बनी थी, उसी बहुमत के आधार पर अगले चार साल हरियाणा की  जनता का  विश्वास चलाएगी. नेता प्रतिपक्ष 4 साल पहले कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग जो वह लेकर आए थे आज उनकी दोगली सोच दर्शाती है.

बता दें कि हरियाणा विधानसभा में आज कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मतदान होगा. इसे लेकर भाजपा, जजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है. व्हिप में सभी दलों ने विधायकों को कार्यवाही चलने से खत्म होने तक सदन में रहने को कहा है. कांग्रेस नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेश की गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई है. भाजपा, जजपा ने अपने सभी विधायकों से सरकार के पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया है. भाजपा की तरफ से मुख्य सचेतक कंवर पाल, जजपा की ओर से मुख्य सचेतक अमरजीत ढांडा व कांग्रेस की तरफ से मुख्य सचेतक बीबी बत्रा ने व्हिप जारी किया है.

कांग्रेस पर सीएम खट्टर का तंज

बता दें कि जजपा व निर्दलीय विधायकों ने साफ किया है कि वे कृषि कानूनों के तो खिलाफ हैं लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे. कांग्रेस को उम्मीद है कि किसानों के दबाव को देखते हुए कुछ निर्दलीय व सत्ता पक्ष के विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं.

जानें विधानसभा का गणित

हरियाणा विधानसभा में अभी 88 सदस्य हैं. अभय चौटाला के इस्तीफे से ऐलनाबाद सीट खाली हुई है. कालका के विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में तीन साल की सजा होने पर अयोग्य घोषित किया गया है. इससे कालका सीट भी खाली है. ऐसे में गठबंधन सरकार को बहुमत के लिए 45 का आंकड़ा ही चाहिए. इस समय भाजपा के 40, जजपा के 10, कांग्रेस के 30, निर्दलीय सात व एक हलोपा विधायक हैं. दो सीट खाली हैं.
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