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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 4 लाख फर्जी प्रवेश मामले की होगी सीबीआई जांच, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 4 लाख फर्जी प्रवेश मामले की होगी सीबीआई जांच, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

इससे पहले भी हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी.

इससे पहले भी हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने मामले में 31 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था. शनिवार को आए कोर्ट के आदेश के बाद मचा हड़कंप.

चंडीगढ़.  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों (Government Schools) में 4 लाख फर्जी प्रवेश मामले में शनिवार को बड़ा आदेश दिया. कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई (CBI probe) से करवाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इस पर 31 अक्टूबर को  फैसला सुरक्षित रख लिया था. पिछली सुनवाई पर हाइकोर्ट ने इस मामले की विजिलेंस जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए थे. पीठ ने कहा था कि वे विजिलेंस की जांच प्रणाली की सीबीआई से जांच करवा रहे हैं. सुनील कुमार बनाम राज्य सरकार (LPA 1391 -2015) के इस मामले में हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अफसरों व नेताओं में हड़कंप मचा हुआ है.

आंकड़ों में 1 साल में घट गए थे 4 लाख छात्र, कोर्ट ने लिया था संज्ञान
मामला वर्ष 2016 का है, जब गेस्ट शिक्षकों को बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने अपील दाखिल की थी. इस दौरान कोर्ट के सामने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए थे. कोर्ट ने पाया था कि 2014-15 में सरकारी स्कूलों में 22 लाख छात्र थे, जबकि 2015-16 में इनकी संख्या घटकर मात्र 18 लाख रह गई थी. हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार से पूछा था कि अचानक 4 लाख बच्चे कहां गायब हो गए. इस पर हरियाणा सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई थी. जिसके बाद इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि 4 लाख फर्जी दाखिले कर सरकारी राशि हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

सेवानिवृत्त जज को मिला था जांच का जिम्मा
कोर्ट ने कहा था कि इसके लिए सरकार अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाए जो यह देखें कि फर्जी दाखिले फंड का हड़पने के लिए थे या सरप्लस गेस्ट टीचर को बचाने के लिए. इस मामले में सीनियर आईपीएस अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपने के आदेश दिए गए थे. लेकिन सरकार ने आईपीएस अधिकारियों की जगह सेवानिवृत्त सेशन जज को जांच का जिम्मा सौंप दिया था.

नाराज हुआ हाईकोर्ट
इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को फिर खरी-खरी सुनाई थी. हाईकोर्ट ने कहा कि वो दोषी अधिकारियों को बचा रहे हैं. एजी ने कोर्ट को विजिलेंस से इस मामले की जांच करने की सलाह दी थी. हाईकोर्ट ने एजी की सलाह पर मामले की जांच विजिलेंस को सौंपते हुए निर्देश दिया था कि इस मामले की जांच एसपी स्तर का अधिकारी करें व इसमें शिक्षा निदेशालय के दो अधिकारी उनको सहयोग करें. लेकिन हाई कोर्ट ने अब सीबीआइ जांच के आदेश दे दिए हैं. साथ ही एक हफ्ते में सीबीआई को डॉक्यूमेंट सौंपने के आदेश दिए हैं. इसके तहत तीन महीने में कम्पीटेंट कोर्ट में जवाब फाइल करना होगा. इसके साथ ही सीबीआई को 3 महीने बाद जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी फाइल करनी होगी.

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Tags: Chandigarh, Haryana Government, High court

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