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मकोका की तर्ज़ पर हरियाणा लाया हरकोका, नशे के सौदागरों पर कसेगी नकेल

सरकार बनाने का दावा ठोकेगी भाजपा
सरकार बनाने का दावा ठोकेगी भाजपा

मनोहर सरकार का आखिरी सत्र है और संगठित अपराध के खिलाफ हरियाणा सरकार ने सख्त कदम उठाने की ओर अपना कदम बढ़ा दिया है.

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हरियाणा विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन प्रदेश सरकार ने सदन में हरकोका (HRCOCA) यानि हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2019 सदन में पास कर दिया. दरअसल ये सत्र मनोहर सरकार का आखिरी सत्र है और संगठित अपराध के खिलाफ हरियाणा सरकार ने सख्त कदम उठाने की ओर अपना कदम बढ़ा दिया है.

क्या कहता है HRCOCA

हरकोका महाराष्ट्र के MCOCA की तर्ज पर बनाया गया एक कड़ा कानून है जो ड्रग्रस, माफिया, गैंगस्टर्स जैसे संगठित अपराधों से निपटने के लिए तैयार किया गया है. हरकोका के तहत संगठित अपराध के दौरान किसी की मौत होने पर सजा-ए-मौत या आजीवन कारावास का प्रावधान रखा गया है. साथ-ही-साथ कम से कम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाऐगा.  संगठित अपराध से जुड़े किसी भी मामले में न्यूनतम 5 वर्ष और अधिकतम उम्रकैद की सजा होगी. इसके अलावा न्यूनतम 5लाख का जुर्माना होगा.



साजिश रचने या कोशिश करने वालों को ये सजा 
संगठित अपराध की साजिश रचने या कोशिश करने पर भी न्यूनतम 5 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा होगी औऱ न्यूनतम 5 लाख का जुर्माना भी लगेगा. संगठित अपराध से संबंध रखने वाले की छुपने में मदद करने वाले को भी न्यूनतम 5 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद की सजा होगी, साथ ही 5 लाख का जुर्माना भी लगेगा. संगठित अपराध की कमीशन या फायदे से संपत्ति रखने वाले को 3 साल से 10 साल तक की सजा होगी. इसके अलावा न्यूनतम एक लाख रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान होगा. इसके अलावा राज्य सरकार ऐसे मामलों के लिए विशेष न्यायालय का गठन कर सकती है.

नौबत क्यों आन पड़ी ?

हरियाणा की मनोहर सरकार मकोका की तर्ज पर हरकोका लेकर आ रही है. आखिर क्या वजह है कि सरकार के माथे पर नशे के फैलते जाल ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं. नशे के फैलते जाल ने पंजाब की पीड़ी को खत्म कर दिया. आज भी पंजाब के युवाओं की नसों में ये जहर घुल रहा है और नशे का फैलता जाल अब हरियाणा को अपनी जद में ले रहा है. आलम ये है कि दूध दही के प्रदेश को आज उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता हरियाणा की संज्ञा दी जा रही है लेकिन इसके लिए कई वजहें भी है.

 हरियाणा में फैलता नशे का जाल

-जनवरी 2016 से अप्रैल 2018 के बीच औसतन रोज़ 34 किलो नशीला पदार्थ पकड़ा गया

-करीब ढाई साल के दौरान हरियाणा पुलिस ने 29332 किलो से ज्यादा नशा पकड़ा

-साल 2016 में 11919 किलो नशा पकड़ा गया

-तो साल 2017 में 14142 किलो नशे की खेप पकड़ी गई

-इस दौरान भारी मात्रा में अफीम, चरस, चूरा पोस्त, स्मैक, गांजा और हेरोइन पकड़ी गई

2017 के बाद 2018 और इस साल भी हरियाणा में नशे की खेप मिलने का सिलसिला जारी है. इस दौरान कई गिरफ्तारियां भी हुईं लेकिन नशे के फैलते जाल पर लगाम लगा पाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर ही बना हुआ है. आलम ये है कि 2018 तक रोजाना औसतन 34 किलो नशीला पदार्थ पकड़ा जाता था. उसमें अब इजाफा हो गया है. दरअसल हरियाणा में नशे के फैलते जाल की कई वजहें हैं.

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