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Corona Vaccine FAQ: कोरोना वैक्सीन लगवाने जा रहे हैं तो जान लीज‍िए आपके हर सवाल का जवाब

कोरोना का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है.  (news18 English)

कोरोना का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है. (news18 English)

कोवैक्सीनेशन की वजह से कुछ लोगों को बुखार, शरीर में दर्द या इंजेक्शन लगने वाली जगह पर दर्द होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 1, 2021, 12:15 PM IST
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चंडीगढ़. हरियाणा में पहली मार्च, 2021 यानि आज से कोविड-19 वैक्सीनेशन (Vaccination) के तीसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Anil Vij) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारम्भ करेंगे. गौरतलब है कि राज्य के स्वास्थ्य महकमे ने कोविड-19 वैक्सीन रोल आउट का पहला और दूसरा चरण पूरा कर लिया है. तीसरे चरण में अब 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा 45 वर्ष से 60 वर्ष की आयु वाले सह-रुग्णता (को-मोरबिडिटीज) वाले लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी.

बता दें कि केन्द्र सरकार ने निजी अस्पतालों में कोविड वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी है. इस सूची में चंडीगढ़ के 15 निजी अस्पतालों के नाम हैं. आमजन जिला के किसी वैक्सीनेशन केंद्र में टीका लगवाना चाहता है, रजिस्ट्रेशन के समय खुद चयन कर सकेंगे. को-विन एप और आरोग्य सेतू एप में इसका आप्शन होगा. पहले चरण में कोरोना वारियर्स और दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगाया गया है. अब तीसरे चरण में 60 से कम और 45 साल से ज्यादा उम्र के बीमार लोगों का टीकाकरण किया जाएगा. इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

  • कौन सी वैक्सीन उपलब्ध है और ये कितनी असरकारक है?


    स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन उपलब्ध हैं. WHO के मुताबिक, ये दोनों असरकारक हैं.

  • क्या वैक्सीन लगने पर होगा कोई रिएक्शन होगा?


    जब वैक्सीन शरीर में जाती है तो एक प्रकार का रिएक्शन होता है. इस दौरान इम्यून का रेस्पॉन्स (काम करना) शुरू होता है. इसी वजह से कुछ लोगों को बुखार, शरीर में दर्द या इंजेक्शन लगने वाली जगह पर दर्द होता है.


  • एलर्जी है तो क्या वैक्सीनेशन लगवाना सही रहेगा?


    एलर्जी अलग-अलग तरह की होती हैं. किसी में एलर्जी गंभीर होती है तो किसी में कम. किसी को सी-फूड से एलर्जी हो जाती है तो किसी को दवा से होती है. इसलिए, एलर्जी वाले लोगों को भी वैक्सीन सेंटर पर मौजूद डॉक्टर को सारी बातें बतानी चाहिए, ताकि वो सही फैसला लें सकें.


  • उन बुजुर्गों का क्या जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं, जैसे कैंसर, किडनी, हार्ट या लिवर की बीमारी?


    गंभीर बीमारियों वाले बुजुर्ग भी वैक्सीन लगवा सकते हैं. उन्हें अपनी बीमारी का सर्टिफिकेट साथ ले जाना होगा. एक आइडेंटिटी कार्ड भी साथ ले जाना जरूरी है.


  • कोई दवाई ले रहा है तो क्या वैक्सीन लगवा सकते हैं?


    कोवैक्सीन के अनुसार अगर कोई इम्यूनोसेप्रेशन की दवा ले रहा है तो उन्हें वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए. कई बार मरीज को यह दवा दी जाती है, चाहे ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीज हों या ऑटो इम्यून डिसऑर्डर के मरीज हों, तो ऐसे मरीज कोवैक्सीन वाली वैक्सीन नहीं लें. इसी प्रकार अगर कोई खून पतला करने की दवा ले रहा है या किसी को ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या है तो उन्हें भी वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए.


  • कैसे आवेदन करें. और अगर इसके बारे में जानकारी न हो तो किससे पूछें?


    वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेश जरूरी है. ये रजिस्ट्रेशन को-विन 2.0 एप/पोर्टल पर उपलब्ध है. अगर यहां रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा हो तो आईडेंटिटी के साथ संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जानकारी ली जा सकती है. इसकेअलावा आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी जानकारी ली जा सकती है.


  • क्या वैक्सीन सेंटर कोरोना संक्रमण को फैलाने वाला केंद्र या संक्रमण का सुपर स्प्रेडर तो नहीं बन जाएगा?


    नहीं, कोविड सेंटर कोरोना संक्रमण का सुपर स्प्रेडर नहीं बनेगा. सैनेटाइजर, ग्लास शील्ड, मास्क के अलावा एक्सपर्ट्स की टीम और एंबुलेंस के साथ सेंटर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं.
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