लाइव टीवी

10 साल पहले 40 सीटें जीतकर हुड्डा ने बनाई थी सरकार, टूट गई थी हरियाणा जनहित कांग्रेस

News18 Haryana
Updated: October 25, 2019, 8:21 PM IST
10 साल पहले 40 सीटें जीतकर हुड्डा ने बनाई थी सरकार, टूट गई थी हरियाणा जनहित कांग्रेस
उस समय भूपिंदर सिंह हुडा की अगुवाई वाली कांग्रेस को महज 35 सीटें ही हासिल हुई थीं.

हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) में वोटों की गिनती पूरी होने के साथ राज्य में कांग्रेस के लिए थोड़ी सुखद स्थिति बनी है.

  • Share this:
चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) में वोटों की गिनती पूरी होने के साथ राज्य में कांग्रेस के लिए थोड़ी सुखद स्थिति बनी है. कुमार शैलजा को राज्य की कमान सौंपे जाने के बाद पार्टी के भीतर जिस तरह के बगावती तेवर देखने को मिल रहे थे उससे लगा था कि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहेगा. पार्टी के इस प्रदर्शन के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंद सिंह हुड्डा को क्रेडिट दिया जा रहा है. राज्य में कांग्रेस को कुल 31 सीटें मिली हैं. हालांकि गुरुवार दोपहर जब नतीजे कांग्रेस की बीजेपी के साथ कांटे की टक्कर दिखा रहे थे तब हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षियों को साथ आने का आह्वान किया लेकिन शाम तक तस्वीर बदल गई. भारतीय जनता पार्टी को 40 सीटें हासिल हुईं उसे अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल होता भी दिख रहा है. हुड्डा इन 31 सीटों के साथ विपक्ष में बैठने को मजबूर हो गए. ठीक ऐसा ही वाकया इंडियन नेशनल लोकदल(INLD) के साथ हुआ था.

उस समय भूपिंदर सिंह हुड्डा की अगुवाई वाली कांग्रेस को महज 40 सीटें ही हासिल हुई थीं और इंडियन नेशनल लोकदल को 31 सीटें मिली थीं. हुड्डा एक बार सीएम रह चुके थे और दूसरी बार सीएम बनने की तैयारी में थे. तब हरियाणा जनहित कांग्रेस के पांच विधायक टूटकर एक साथ कांग्रेस में मिल गए थे. राज्य में पूरी पार्टी अस्तित्व खतरे में आ गया था.

इन आठ विधायकों के पास है सत्ता की चाबी
इस बार हरियाणा चुनाव में बीजेपी ने 2014 से कम सीटें जीती हैं. वो बहुमत से दूर है. फिर भी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व यहां सरकार बनाने का दावा कर रहा है. यहां बीजेपी की सरकार बनाने को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) का आत्मविश्वास यूं ही नहीं झलक रहा है. दरअसल, जो सात निर्दलीय विधायक चुनकर आए हैं उनमें से पांच बीजेपी के बागी हैं. बताया जा रहा है इन सभी को फोन कर सरकार में पद और मान सम्मान देने की बात करके मना लिया गया है. ये विधायक दिल्ली बुलाए गए हैं. गोपाल कांडा (Gopal Kanda) ने भी बीजेपी को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. ऐसे में पार्टी को सरकार बनाने के लिए 46 का जादुई आंकड़ा मिल गया है.

हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम से यह साफ हो गया है कि किसी को बहुमत नहीं मिला, इससे सात निर्दलीय विधायकों और गोपाल कांड़ा की तो जैसे किस्मत ही खुल गई. अब ये लोग अपनी शर्तों पर बीजेपी को समर्थन देंगे. इसकी वजह से अब बीजेपी के कई नेताओं के मंत्री बनने का ख्वाब अधूरा रहने वाला है.
ये भी पढ़ें:

कौन हैं दुष्यंत चौटाला, जिनके हाथ में है सत्ता की चाबी?
Loading...

क्यों फेल हुआ 'अबकी बार 75 पार' का नारा?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 25, 2019, 4:27 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...