लाइव टीवी

JJP को झटका, MLA राम कुमार गौतम ने पार्टी उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
Chandigarh-City News in Hindi

भाषा
Updated: December 25, 2019, 10:39 PM IST
JJP को झटका, MLA राम कुमार गौतम ने पार्टी उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
दुष्यंत चौटाला के साथ जेजेपी के विधायक रामकुमार गौतम (File Photo)

जेजेपी (JJP) के वरिष्ठ नेता राम कुमार गौतम (Ram Kumar Gautam) ने पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि जिस तरह से पार्टी चल रही है, उससे वह निराश हैं.

  • भाषा
  • Last Updated: December 25, 2019, 10:39 PM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. जननायक जनता पार्टी/जेजेपी (Jannayak Janta Party) को बुधवार को तब झटका लगा जब उसके विधायक एवं वरिष्ठ नेता राम कुमार गौतम (Ram Kumar Gautam) ने पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. राम कुमार गौतम ने कहा कि पार्टी जिस तरह से चल रही है, वह उससे निराश हैं. गौतम ने कहा कि जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अपनी पार्टी के विधायकों के समर्थन से उप मुख्यमंत्री बने हैं.

गौतम ने कहा, "पार्टी में कुछ भी सही नहीं चल रहा है. पार्टी जिस तरह से चल रही है, उससे मैं निराश हूं और मैंने पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. मुझे पार्टी का अखिल भारतीय उपाध्यक्ष बनाया गया. जबकि पार्टी का हरियाणा में एक सीमित क्षेत्र में प्रभाव है." इससे पहले उन्होंने हिसार जिले के नारनौंद स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए पार्टी पद से अपने इस्तीफे के बारे में बात की.

गौतम के पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा को लेकर पूछे गए सवाल पर दुष्यंत ने फरीदाबाद में मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे इसके बारे में अभी मीडिया के जरिए जानकारी हुई है. हम यह पता लगाएंगे कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है."


गौतम ने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी के मामले देख रहे हैं, उन्होंने हाल में एक प्रमुख नेता से हाथ मिला लिया है, जिसके खिलाफ जेजेपी ने चुनाव लड़ा था. बता दें, जेजेपी ने गत अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में गौतम को बीजेपी के कैप्टन अभिमन्यु के खिलाफ उतारा था.



हालांकि राम कुमार गौतम ने स्पष्ट किया कि वह बीजेपी को बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं होने पर उसके साथ जेजेपी के जाने और गठबंधन सरकार बनाने के खिलाफ नहीं है. यह पूछे जाने पर कि उन्होंने हाल में यह कहा था कि वह दुष्यंत के कारण एक विधायक बने हैं,
गौतम ने कहा, "हां, यह सही है. हालांकि उन्हें यह भी अहसास होना चाहिए कि वह उप मुख्यमंत्री अपने विधायकों के चलते बने. हमने इसके लिए और अन्य पार्टी उम्मीदवारों के लिए कड़ी मेहनत की."


जेजेपी के बीजेपी के साथ गठबंधन के बाद मंत्री पद की दौड़ में शामिल गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले कैबिनेट में उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने का कोई असंतोष नहीं है. गौतम ने कहा कि मैं जेजेपी के टिकट का आकांक्षी भी नहीं था. दुष्यंत और उनके पिता अजय चौटाला की इच्छा थी कि मुझे उनके साथ आना चाहिए. उन्हें पता था कि मैं ही बीजेपी के विधायक कैप्टन अभिमन्यु को हरा सकता हूं.

दुष्यंत पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने 11 विभाग अपने पास रखे हैं. जबकि पार्टी के मात्र एक विधायक को एक कनिष्ठ मंत्री बनाया गया है, जिसे एक छोटा प्रभार दिया गया है. यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी से इस्तीफा देने के बारे में सोच रहे हैं, गौतम ने कहा कि लोगों ने मुझे चुना है, मेरी उनके प्रति जिम्मेदारी है. यदि मैं अपनी पार्टी से इस्तीफा देता हूं, मैं अपनी सीट भी गंवा दूंगा और मैं अपने क्षेत्र को अधर में नहीं छोड़ सकता. मैं पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 25, 2019, 10:39 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर