केंद्र के कृषि अध्यादेश का हरियाणा के किसान कर रहे विरोध, हड़ताल पर जाने का किया ऐलान
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केंद्र के कृषि अध्यादेश का हरियाणा के किसान कर रहे विरोध, हड़ताल पर जाने का किया ऐलान
केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेश के खिलाफ हरियाणा के किसानों ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर जमकर बवाल काटा (फाइल फोटो)

सोमवार से शुरू हुए संसद के मॉनसून सत्र (Parliament Monsoon Session) में तीन अध्यादेश को लेकर अपना प्रस्ताव देने जा रहे हरियाणा के करनाल से दिल्ली आ रहे किसानों (Farmers Protest) को दिल्ली के बादली बॉर्डर पर रोक दिया गया. जिसके चलते किसानों ने बॉर्डर पर ही केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 3:44 PM IST
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चंडीगढ़. केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा हरियाणा और पंजाब (Haryana And Punjab) में लाए गए तीन अध्यादेश (Ordinance) का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा. आढ़तियों और किसानों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ विरोध (Protest) का बिगुल बजाते हुए मांगें न मानने पर हड़ताल पर जाने का एलान किया है. तीन अध्यादेश के विरोध में किसान संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वो अपना आंदोलन तेज करेंगे और अपनी मांगों को हर हाल में मनवा कर रहेंगे.

किसानों ने इसे लेकर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. सोमवार से शुरू हुए संसद के मॉनसून सत्र में तीन अध्यादेश को लेकर अपना प्रस्ताव देने हरियाणा के करनाल जा रहे आंदोलनकारी किसानों को पुलिस ने दिल्ली के बादली बॉर्डर पर रोक दिया. जिसके चलते किसानों ने बॉर्डर पर ही केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया.





कृषि पर तीन अध्यादेश की प्रमुख बातें  
1- राज्य सरकारों का कोई कानून कृषि अध्यादेशों की विपणन व्यवस्था पर लागू नहीं होगा
2- विवाद होने पर, किसान को अदालत जाने की अनुमति नहीं (धारा-15) किसान उपज उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश 2020
3- बनेगा कृषि उपज मंडियों का काल: क्योंकि कृषि विपणन बिना कृषि उपज मंडी, बिना मंडी फीस, सेस, लेवी, बिना मंडी कानून के होगा (धारा-6 किसान उपज उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश 2020
4- बनेगा फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य का काल: क्योंकि कृषि अध्यादेशों की विपणन व्यवस्था समर्थन मूल्य से मुक्त हैं
5- किसान को बनाएगा कार्पोरेट का बंधुआ मजदूर: बिना फसल के दाम दिए कंपनी खेती राज स्थापित करेंगा जिसमें खेत और मजदूरी किसान की, लेकिन फसल कंपनी की होगी, किसान को केवल मजदूरी के पैसे मिलेंगे (धारा 2(H) iii, मूल्य आश्वासन पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) सेवा समझोता अध्यादेश 2020
6- अदालत नहीं, DM/SDM करेंगे विवादों का फैसला जो हमेशा राजनीतिक दबाव में काम करते हैं जिन पर हर रोज तबादले की तलवार लटकी रहती हैं

क्या है तीन कृषि अध्यादेश पर किसानों के सवाल
- आवश्यक वस्तु अधिनियम (सुधार) अध्यादेश 2020, में दी गई कृषि उपज भंडारण छूट से किसान को क्या लाभ होगा?
- ऐसे किसी विवाद होने पर, धारा 15 में, किसान को अदालत जाने से वंचित करना, क्या किसान के मौलिक अधिकारों (आर्टिकल 32) का खुला उलंघन नहीं है?
- धारा 6 में दी गई मार्केट कमेटी की फीस, सेस, लेवी, आदि में दी गई छूट किसान हितेषी कैसे?
- क्या कृषि में कंपनी राज कभी देश और किसान हितेषी कहा जा सकता है?
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