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जानिये, हरियाणा में कैसे बन रहे BJP के पक्ष में सरकार बनाने के समीकरण

Ramlal Kondal | News18 Haryana
Updated: October 25, 2019, 7:35 PM IST
जानिये, हरियाणा में कैसे बन रहे BJP के पक्ष में सरकार बनाने के समीकरण
हरियाणा में जनता ने खंडित जनादेश दिया है. यहां त्रिशंकु सरकार बनने जा रही है.

हरियाणा में अगली सरकार बनाने कि लिए इस वक्त जेजेपी के 10 और आठ अन्य विधायकों की डिमांड सबसे ज्यादा हैं. ये 18 विधायक किस करवट बैठेंगे, ये फिलहाल कहना मुश्किल है.

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चंडीगढ़. हरियाणा में जनता ने खंडित जनादेश (Mandate) दिया है. मतलब य​ह है कि यहां अब अन्य (निर्दलियों) की सहायता से ही सरकार (Coalition Government) बनेगी. जाहिर है कि हरियाणा में इस वक्त जेजेपी (JJP) के 10 और आठ अन्य विधायकों की डिमांड सबसे ज्यादा है. ये 18 विधायक किस करवट बैठेंगे, ये फिलहाल कहना मुश्किल है. लेकिन इतना जरूर है कि सरकार के गठन की संभावनाएं और समीकरण बहुत से बनकर सामने खड़े हो रहे हैं.

समीकरण नंबर 1

बीजेपी 40 + JJP 10 = सरकार

समीकरण नंबर 2

बीजेपी 40 + INLD 01 + अन्य 08 = सरकार

समीकरण नंबर 3

कांग्रेस 31 + JJP 10 + अन्य 08 = सरकार
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बीजेपी को छह विधायकों की दरकार

समीकरण नंबर एक की बात करें तो बीजेपी (BJP) के पास 40 विधायक हैं और उसे 46 के जादुई आंकड़े को छूने के लिए छह विधायकों की दरकार है. इन छह विधायकों की पूर्ति चाहे तो अकेले जेजेपी पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लिए बीजेपी को जेजेपी की शर्तें माननी होंगी जिनमें संभवत: सबसे अहम जेजेपी का मुख्यमंत्री हो सकता है.

JJP की मदद के बिना सरकार बना सकती है बीजेपी

समीकरण नंबर दो के मुताबिक बीजेपी जेजेपी की मदद के बिना सरकार बना सकती है. इसमें आईएनएलडी अपनी एक सीट के साथ उसकी मदद कर सकती है. हालांकि इसके बावजूद बीजेपी को सरकार बनाने के लिए पांच विधायकों की दरकार रहेगी जो अन्य आठ विधायक पूरी कर सकते हैं. ये आठ विधायक ज्यादातर निर्दलीय हैं, जो कोई भी रुख अपना सकते हैं. बीजेपी के लिए आठ अन्य विधायकों को साधना उतना आसान भी नहीं होगा. निर्दलीय जीतने वालों में पांच बीजेपी के ही बागी हैं जो टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़े हैं.

आठ अन्य में कौन-कौन शामिल हैं...

बलराज कुंडू, निर्दलीय, महम (बीजेपी के बागी)
सोमबीर सागवान, निर्दलीय, दादरी (बीजेपी के बागी)
रणधीर गोलन, निर्दलीय, पूंडरी (बीजेपी के बागी)
नयनपाल रावत, निर्दलीय, पृथला (बीजेपी के बागी)
धर्मपाल गोंडर, निर्दलीय, नीलोखेड़ी (बीजेपी के बागी)
गोपाल कांडा, सिरसा (हरियाणा लोकहित पार्टी)
राकेश दौलताबाद, निर्दलीय, बादशाहपुर
रणजीत चौटाला, निर्दलीय, रानिया (कांग्रेस के बागी)
इसके अलावा बीजेपी, जेजेपी में भी घुसपैठ कर कुछ विधायक जुटा सकती है.

कांग्रेस को 15 विधायक की दरकार, सिर्फ जेजेपी के भरोसे नहीं बनेगी सरकार

समीकरण नंबर तीन कहता है कि अगर कांग्रेस को सरकार बनानी है तो उसे भी बीजेपी की तरह जेजेपी और अन्य का सहारा लेना पड़ेगा, लेकिन जेजपी की शर्तें भी कांग्रेस के सामने बीजेपी सरीखी चुनौतियां पेश करती हैं. कांग्रेस के पास सरकार बनाने का एकमात्र तरीका ये है कि सभी गैर-बीजेपी दल उसके साथ आ जाएं. आईएनएलडी अगर बीजेपी के साथ नहीं भी आए तो खास फर्क नहीं पड़ता, लेकिन जेजेपी और अन्य का साथ आना जरूरी है.

JJP को अपने MLA को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाना होगा

जाहिर है कि जेजेपी इस वक्त किंग मेकर के साथ-साथ खुद दुष्यंत चौटाला को किंग के तौर पर देख रही है. बीजेपी, जेजेपी के बगैर एक बार सरकार बनाने की सोच भी ले, लेकिन कांग्रेस जेजेपी के बिना कतई सरकार नहीं बना सकती, लेकिन अभी दुष्यंत चौटाला के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने विधायकों को बीजेपी और कांग्रेस की निगाहों से सुरक्षित बचाए रखना है.

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First published: October 25, 2019, 6:15 AM IST
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