Haryana : कुमारी सैलजा ने सीएम खट्टर के सामने उठाया हरियाणा में दलितों पर हो रहे अत्याचार का मामला

कुमारी सैलजा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर 
प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचार रोकने की मांग की है.
कुमारी सैलजा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचार रोकने की मांग की है.

पत्र में कुमारी सैलजा (Kumari Selja) ने सीएम खट्टर से मांग की है कि दलित युवक सागर की हत्या के मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए. दोषियों को सख्त सजा दी जाए. इस मामले में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2020, 8:26 PM IST
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चंडीगढ़. हरियाणा (Haryana) कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा (Kumari Selja) ने हरियाणा में दलितों पर हो रहे अत्याचार के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. प्रदेश की जनता भय के साए में जीने को मजबूर है. पिछले कुछ दिनों में दलित वर्ग पर अत्याचार के मामलों ने हमें झकझोर कर रख दिया है.

मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कुमारी सैलजा ने कुरुक्षेत्र के बाबैन में दलित युवक की हत्या का मामला उठाया. उन्होंने लिखा कि कुरुक्षेत्र के बाबैन में रादौर के घिलौर गांव के रहने वाले दलित युवक सागर के साथ कुछ युवकों ने पहले मारपीट की और फिर अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई. यह बेहद ही दुखद है कि युवक के अगवा होने के बाद परिजन जब थाना बाबैन गए तो पुलिस द्वारा अगवा युवक को ढूंढ़ने की बजाय पीड़ित पक्ष पर ही मुकदमा दर्ज करने धमकी दी गई और उनकी सुनवाई नहीं की. यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो सागर को बचाया जा सकता था. मृतक युवक के परिजन न्याय की लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.



मुख्यमंत्री को लिखा गया कुमारी सैलजा का पत्र.
मुख्यमंत्री को लिखा गया कुमारी सैलजा का पत्र.

एनसीआरबी के आंकड़े भयावह

कुमारी सैलजा ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े भी हमारी चिंताएं बढ़ा रहे हैं. भाजपा सरकार के शासनकाल में हरियाणा प्रदेश में दलित समाज के साथ हो रहे अपराधों में तेजी से वृद्धि हुई है. वर्ष 2014 में दलित समाज पर अत्याचार के 475 मामले दर्ज किए गए थे. वहीं वर्ष 2015 में 510, 2016 में 639, वर्ष 2017 में 762, वर्ष 2018 में 961 मामले दर्ज हुए. वहीं वर्ष 2019 में दलितों पर अत्याचार के 1086 मामले दर्ज हुए. आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि भाजपा शासनकाल में दलितों पर अत्याचार के मामले दोगुने से ज्यादा हो गए हैं.

कार्रवाई की मांग

पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है कि दलित युवक सागर की हत्या के मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच करवाई जाए. दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए. इस मामले में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही प्रदेश में दलित वर्ग पर हो रहे अत्याचारों की रोकथाम के लिए तुरंत प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं.
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