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करनाल लाठीचार्ज: किसानों के सिर फोड़ने के आदेश देने वाले SDM को हटाने की मांग, नूंह में आज महापंचायत

करनाल लाठीचार्ज: किसानों के सिर फोड़ने के आदेश देने वाले SDM को हटाने की मांग, नूंह में आज महापंचायत

किसानों पर लाठीचार्ज पर अलग-अलग टिप्पणियां हो रही हैं.

किसानों पर लाठीचार्ज पर अलग-अलग टिप्पणियां हो रही हैं.

Kisan Aandolan: भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि बसताडा टोल पर किसानों के साथ बहुत ज्यादती हुई है. उनके 20 से ज्यादा किसानों को इतना पीटा गया कि खून तक बहने लगा.

    करनाल. हरियाणा के करनाल जिले में शनिवार को बीजेपी नेताओं को रोकने की कोशिश कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद राज्यभर में हुए प्रदर्शनों को लेकर अब केस दर्ज होने शुरू हो गए हैं. बसताड़ा टोल प्लाजा पर लाठीचार्ज और 17 किसानों की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा (Haryana) के कई हिस्सों पर किसानों ने हाईवे बंद कर दिए और कई घंटे राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. शनिवार शाम को गिरफ्तार किसानों की रिहाई के बाद मामला ठंडा पड़ा और किसानों (Farmers) ने नेशनल हाईवे और टोल प्लाजा से जाम हटाने शुरू कर दिए. वहीं किसान अब आगे की रणनीति बनाने में जुट गए हैं. किसान आज नूंह में महापंचायत करने जा रहे है. दोपहर 1 बजे राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव समेत कई नेता नूंह पहुंचेंगे.

    वहीं किसानों ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खट्टर के विधानसभा क्षेत्र करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस की बर्बरता की कड़ी निंदा करते हैं. किसान मोर्चा कैमरे पर पुलिस को आदेश देने वाले एसडीएम आयुश सिंहा को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं सरकार को चेतावनी दी है कि किसान पीछे नहीं हटेंगे और वर्तमान ऐतिहासिक आंदोलन को जनविरोधी सरकार के इस बर्बर कृत्यों से दबाया नहीं जा सकता है.

    एडीजीपी बोले- किसानों ने किया हमला

    वहीं इस मामले पर डीजीपी नवदीप विर्क ने अपने बयान में कहा कि 28 अगस्त को करनाल में बसताडा टोल प्लाजा पर जो घटना हुई. उसके कुछ तथ्य बताना चाहूंगा. सुबह करीब 12 बजे किसान प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे जाम किया और जबरदस्ती शहर की तरफ जाने की कोशिश की. वहां पर मौजूद कर्मचारियों व अधिकारियों ने समझाया कि आप वहां पर नहीं जा सकते हैं तो उसके बाद उन्होंने उग्र रूप ले लिया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन पर पत्थर फेंके, कस्सी से हमला किया.

    10 पुलिसकर्मी घायल

    नियमानुसार पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग किया और उन्हें वहां से हटाया. प्राप्त जानकारी के अनुसार चार किसान भाइयों व 10 पुलिस जवानों को चोटे आई हैं. 7 जून को टोहाना में संयुक्त मोर्च के साथ बैठक हुई थी. इस पर लिखित आश्वासन दिया था कि प्रदर्शन का उग्र रूप धारण नहीं करेंगे और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे. जब भी कोई प्रदर्शन उग्र होता है तो वहां पर पुलिस की ड्यूटी बनती है कि कंट्रोल किया जाए.

    Tags: Bhartiya Kisan Union, Kisan Aandolan, Kisan protest news

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