हरियाणा में 10 से 17 मई तक लॉकडाउन नहीं, महामारी अलर्ट; जल्द होगा ऐलान

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लॉकडाउन लगाने के बजाय अलर्ट जारी करने का निर्णय लिया है. (ANI)

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लॉकडाउन लगाने के बजाय अलर्ट जारी करने का निर्णय लिया है. (ANI)

हरियाणा में कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए खट्टर सरकार ने अलर्ट जारी करने का फैसला किया है. प्रदेश के स्वास्थ्य सह गृहमंत्री अनिल विज ने कहा है कि यह लॉकडाउन नहीं है, बल्कि इसे महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा अभियान कहा जाएगा.

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चंडीगढ़. हरियाणा में कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सरकार ने अलर्ट जारी करने का फैसला कर लिया है. प्रदेश के स्वास्थ्य सह गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि यह लॉकडाउन नहीं है, बल्कि इसे महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा अभियान कहा जाएगा. इसके तहत सोमवार से अगले एक हफ्ते तक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए सख्ती बरती जाएगी. 10 से 17 मई तक लागू रहने वाले महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा की बाबत सरकार जल्द ही आदेश जारी करेगी. मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने यह अभियान चलाने का फैसला किया है.

इससे पहले गृहमंत्री ने हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान लोगों की लापरवाही पर चेतावनी दी है. उन्होंने सडक़ों पर निकल रहे लोगों को कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों का वास्ता देकर चेताया है. उन्होंने कहा कि लोग घरों से बाहर न निकलें. नहीं तो उन्हें मजबूर होकर सख्ती और बढ़ानी पड़ेगी. हरियाणा में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार की भी चिंता बढ़ रही है. वहीं लोग खतरे के बाद भी घरों से बाहर घूमते दिख रहे हैं. इसी को लेकर सरकार की ओर से कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं हैं.

सीएम खट्टर ने बनाई 8 हजार टीमें 

बैठक के दौरान बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता जाहिर की गई. इसे रोकने को लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए जमीनी स्तर पर काम करने को कहा गया. इसके लिए मुख्यमंत्री ने गांवों में टेस्टिंग के लिए 8 हजार टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं. इसमें आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर टीमें बनाई जाएं. सीएम ने कहा कि प्रशिक्षु डॉक्टरों की अगवाई में टीमों का गठन किया जाय. गांव में धर्मशाला, सरकारी स्कूलों या आयुष केंद्रों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया जाए. गांवों में टेस्टिंग के लिए 8000 टीमें बनाने के निर्देश, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर गठन करने के निर्देश दिए गए है.

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