चंडीगढ़: PGI में फर्जी पति-पत्नी दिखाकर करवाया 5 लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट, 10 से 20 लाख में होता था सौदा

पीजीआई में ही पिछले करीब एक साल से ब्लड रिलेशन की जगह पैसे देकर लाए गए लोगों की किडनियां निकालकर ट्रांसप्लांट की जा रही थी.

Manoj Rathi | News18 Haryana
Updated: September 10, 2019, 2:28 PM IST
चंडीगढ़: PGI में फर्जी पति-पत्नी दिखाकर करवाया 5 लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट, 10 से 20 लाख में होता था सौदा
पीजीआई चंडीगढ़
Manoj Rathi
Manoj Rathi | News18 Haryana
Updated: September 10, 2019, 2:28 PM IST
चंडीगढ़. पीजीआई (PGI) में किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) मामला सामने आने के बाद पुलिस (Police) ने एक महिला को गिरफ्तार (Arrest) किया है. पुलिस पूछताछ के बाद तीन और लोगों का नाम सामने आया है जिनको जल्द ही गिरफ्तार करने की बात की जा रही है. एसएसपी ने बताया कि पिछले दो सालो से यह गिरोह चल रहा था जिसमें कई अहम खुलासे हुए है.

बता दें कि पीजीआई में ही पिछले करीब एक साल से ब्लड रिलेशन की जगह पैसे देकर लाए गए लोगों की किडनियां निकालकर ट्रांसप्लांट की जा रही थी. इसके लिए किडनी देने वालों को मोटी रकम दी जा रही थी. सारा रैकेट मणिपुर के 4 लोग चला रहे थे. अब तक पति पत्नी दिखाकर कुल 5 लोगों की किडनियां इस गैंग ने पीजीआई से ट्रांसप्लांट करवाई हैं.

पुलिस ने एक महिला को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में दो दिन पहले ऑर्गन  ट्रांसप्लांट एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. इसमें अब पहली गिरफ्तारी भी कर ली है. पुलिस ने दिल्ली से जिस महिला ईबोम को दबोचा था, रविवार को जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी महिला ने पुलिस पूछताछ में मान लिया है कि वह मणिपुर की महिला को किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए उसे पैसे और नौकरी का झांसा देकर यहां लाई थी.

पुलिस ने मणिपुर की एक महिला को किया गिरफ्तार


मणिपुर से चल रहा था पूरा रैकेट

एसएसपी के मुतबिक किडनी स्कैम का पूरा रैकेट मणिपुर से ही चल रहा था. न सिर्फ डोनर बल्कि पेशेंट तक को तलाशा जाता था. पुलिस को पूछताछ में गिरफ्तार की गई महिला ईबोम ने तीनों किंगपिन के नामों के खुलासे कर दिए हैं. इनमें टिथोम्बा किंगपिन है, जबकि सुरजीत और गुरूंग भी शामिल है. तीनों मणिपुर के रहने वाले हैं, लेकिन इनमें से सुरजीत और गुरूंग चंडीगढ़ में ही काफी समय से रह रहे हैं.
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गरीब लोगों को किडनी डोनेट करने के लिए करते थे तैयार

टिथोम्बा सारी डील करता था और आगे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की पूरी जिम्मेदारी बाकी दोनों पर होती थी. ये ही पति-पत्नी के कागजात तैयार कर किडनी ट्रांसप्लांट करवाते थे. इसके लिए 10 से 20 लाख रुपए में सौदा करते थे. आरोपी मणिपुर से गरीब लोगों को किडनी डोनेट के लिए तैयार कर पीजीआई लाते थे.

पीजीआई कर्मियों पर भी शक

हालांकि  पुलिस को पीजीआई के कर्मियों पर भी शक है. पुलिस उनका मणिपुर लिंक तलाश रही है. पुलिस का सवाल है कि आखिर कैसे पीजीआई में पति-पत्नी के रिलेशन को अच्छे से वेरिफाई किए बगैर किडनी ट्रांसप्लांट कर
दी जाती थी. हालांकि पीजीआई में एक एफिडेविट लिया जाता है जिसमे यह दर्शाना होता है की किडनी देने वाला आखिर कौन है. , पति पत्नी है या नहीं. इस मामले में पीजीआई प्रशसन से कोई भी बात करने को तैयार नहीं है.

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First published: September 10, 2019, 2:28 PM IST
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