मेरा बेटा इस दुनिया से चला गया, मैं एयरफोर्स को बदनाम नहीं करना चाहता: शहीद के पिता

स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ के पिता जगदीश वशिष्ठ ने कहा, "मेरा बेटा एयरफोर्स को कभी बदनाम नहीं करना चाहता था औ ना ही मैं एयरफोर्स को बदनाम चाहता हूं. बेटा अब इस दुनिया से चला गया और कभी वापस नहीं आने वाला है."

News18 Haryana
Updated: May 23, 2019, 8:25 AM IST
मेरा बेटा इस दुनिया से चला गया, मैं एयरफोर्स को बदनाम नहीं करना चाहता: शहीद के पिता
फाइल फोटो
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Updated: May 23, 2019, 8:25 AM IST
बीते 27 फरवरी 2019 को एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए चंडीगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ के पिता जगदीश वशिष्ठ ने कहा, "मेरा बेटा एयरफोर्स को कभी बदनाम नहीं करना चाहता था औ ना ही मैं एयरफोर्स को बदनाम चाहता हूं. बेटा अब इस दुनिया से चला गया और कभी वापस नहीं आने वाला है."

जगदीश वशिष्ठ का कहना है कि पिछले कई दिनों से ‘फ्रेंडली फायर’ की बातें चल रही हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. शहीद के पिता ने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ आए 15 दिन हो गए हैं और रोज ही ऐसी बातें अखबार में छप रही हैं. यह साफ तौर पर एयरफोर्स को बदनाम करने वाली बात है.



27 फरवरी को शहीद हुए 6 जवानों में थे शामिल 

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना की एक मिसाइल ने बीते 27 फरवरी को अपने ही हेलीकॉप्टर एमआई-17 को दुश्मन का समझकर मार गिराया था. इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार वायुसेना के सभी 6 जवानों और एक नागरिक की मौत हो गई थी. उनमें स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ भी शामिल थे.

बता दें कि शहीद सिद्धार्थ वशिष्ठ का पूरा परिवार देश सेवा के लिए समर्पित रहा है. उनके परिवार की 4 पीढ़ियां फौज में हैं. पत्नी आरती सिंह भी एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर हैं. शहीद के पिता जगदीश वशिष्ठ ने बताया कि सिद्धार्थ जब छोटे थे तो कहते थे कि उन्हें दादा सूबेदार मेजर (रिटा.) के जैसे फौज में भर्ती होना है. सिद्धार्थ वर्ष 2010 में एयरफोर्स में भर्ती हुए थे. वह उपराष्ट्रपति, एयर चीफ मार्शल और प्रधानमंत्री को साथ लेकर भी हवाई यात्रा कर चुके थे.

साल 2013 में हुई थी शादी

शहीद के पिता ने बताया कि सिद्धार्थ ने छोटी उम्र में बहुत से अवार्ड जीते हैं. केरल में आए बाढ़ के समय भी वे काफी समय तक केरल में रहे. वहीं जुलाई में सिद्धार्थ और उनकी पत्नी आरती की पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हो गई. सिद्धार्थ बहुत बहादुर थे और वे अपनी टीम में बेस्ट थे. पिता ने बताया कि सिद्धार्थ 3 बहनों में सबसे छोटे थे. उनकी साल 2013 में स्क्वाड्रन लीडर आरती सिंह से शादी हुई थी.
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शहीद स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ के पिता ने बताया कि सिद्धार्थ ने सेक्टर-41 स्थित शिवालिक पब्लिक स्कूल और डीएवी कॉलेज से पढ़ाई पूरी की थी. बीते कई वर्षों से परिवार के साथ वे चंडीगढ़ में रह रहे थे.  वहीं जिस दिन हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ सिद्धार्थ की पत्नी छुट्टी पर थीं और गुरुग्राम में अपने भाई के पास गई हुईं थीं.

वहीं, उन्हें सिद्धार्थ की शहादत की खबर मिली थी. पिता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से पहले सिद्धार्थ कोयंबटूर में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे.

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