हरियाणा: कालका के पूर्व MLA प्रदीप चौधरी की सदस्यता बहाल, फिर 30 हुई कांग्रेस विधायकों की संख्या

भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदीप चौधरी ने सदस्यता बहाली के लिए स्पीकर (Speaker) के समक्ष हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा नालागढ़ जिला अदालत के फैसले पर लगाई गई रोक को आधार बनाया था.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदीप चौधरी ने सदस्यता बहाली के लिए स्पीकर (Speaker) के समक्ष हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा नालागढ़ जिला अदालत के फैसले पर लगाई गई रोक को आधार बनाया था.

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    चंडीगढ़. विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता (Gyan Chand Gupta) ने कालका के निवर्तमान कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी की सदस्यता बहाल कर दी है. हिमाचल प्रदेश की नालागढ़ कोर्ट (Nalagarh Court) द्वारा एक आपराधिक मामले में प्रदीप चौधरी को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई थी. नालागढ़ अदालत के इस फैसले को आधार बनाते हुए विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने प्रदीप चौधरी की विधानसभा से सदस्यता रद्द कर दी थी. हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन से कानूनी राय लेने के बाद स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने प्रदीप चौधरी की सदस्यता बहाल की है.

    चौधरी की सदस्यता बहाल होते ही अब कांग्रेस विधायकों की संख्या 30 हो गई है. प्रदीप चौधरी नालागढ़ कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट गए थे, जहां नालागढ़ जिला कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई. सदस्यता बहाली के लिए हाल ही में प्रदीप चौधरी स्पीकर से भी मिले थे और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी प्रदीप चौधरी की सदस्यता बहाली के लिए स्पीकर को पत्र लिखा था.

    विधानसभा सचिव आरके नांदल ने स्पीकर के फैसले के बाद प्रदीप चौधरी की विधानसभा की सदस्यता बहाल करने संबंधी परिपत्र भी जारी कर दिया. प्रदीप चौधरी को 31 जनवरी से 19 अप्रैल तक की अवधि के वेतन और भत्ते नहीं मिल पाएंगे, क्योंकि इसी अवधि में नालागढ़ कोर्ट का फैसला आया और लागू रहा.

    स्पीकर के फैसले की सराहना की

    विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पीकर के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दबाव के सही फैसला सुनाया है. कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी स्पीकर के फैसले की सराहना की है.