रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से दोगुने अधिक हैं कैदी: अध्ययन

भाषा
Updated: August 25, 2019, 12:04 AM IST
रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से दोगुने अधिक हैं कैदी: अध्ययन
रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से दोगुने अधिक हैं कैदी: अध्ययन

मानवाधिकार संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (CHRI) के एक अध्ययन से यह पता चला है कि हरियाणा (Haryana) की जेलों में आवश्यकता से अधिक कैदी हैं, जिसमें रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से तकरीबन दोगुनी संख्या में कैदी मौजूद हैं.

  • Share this:
मानवाधिकार संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (CHRI) के एक अध्ययन से यह पता चला है कि हरियाणा (Haryana) की जेलों में आवश्यकता से अधिक कैदी हैं, जिसमें रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से तकरीबन दोगुनी संख्या में कैदी मौजूद हैं. सीएचआरआई ने हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एचएएलएसए) के तत्वावधान में यह अध्ययन किया. अध्ययन में महिला कैदियों को होने वाली समस्याओं मसलन तलाशी अभियान के दौरान ‘अपमानित’ करने जैसी बातों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है. बहरहाल, यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य के कैदियों की गंदी, मलिन और नारकीय स्थिति नहीं है.

राज्य की 19 जेलों में बंद हैं 19,000 कैदी
ऐसा पाया गया है कि जेलों में आधारभूत ढांचे, देखभाल और सफाई के इंतजाम हैं. ‘इनसाइड हरियाणा प्रिजन’ नाम से अध्ययन में पाया गया कि पानीपत जेल में कैदियों संख्या 22.8 प्रतिशत जबकि रेवाड़ी जेल में क्षमता से यह 170 प्रतिशत अधिक है. टीम ने अध्ययन के लिये दिसंबर 2017 और मई 2018 के बीच 475 कैदियों, विधिक सेवा संस्थानों के प्रतिनिधियों और जेल अधिकारियों से बातचीत की. इनमें महिला कैदियों की संख्या 93, विचाराधीन कैदियों की संख्या 192, 122 पुरुष कैदी, 39 नाबालिग कैदी और 29 विदेशी नागरिक हैं. राज्य की 19 जेलों में 19,000 कैदी हैं जिनमें अंबाला में एक और हिसार में दो केंद्रीय कारागार हैं. अन्य 16 जिला जेल हैं. टीम ने इन सभी जेलों में जांच की.

तलाशी के दौरान कैदियों की गरिमा को बनाये रखने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं

अध्ययन में अंबाला और हिसार (I), रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा, जिंद, पानीपत, नारनौल और भिवनानी जेलों में निर्धारित संख्या कैदियों की संख्या अत्यधिक थी. अध्ययन में यह भी कहा गया कि कैदियों की तलाशी के दौरान उनकी सुरक्षा एवं गरिमा को बनाये रखने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं है. एक जेल में कुछ महिला कैदियों ने नशीला पदार्थ एवं मोबाइल फोन जब्त करने के लिए होने वाले औचक निरीक्षण के दौरान उन्हें होने वाली असुविधा का जिक्र किया. गुरुग्राम की जेल में महिला कैदियों ने टीम को शिकायत की कि मोबाइल फोन और नशीला पदार्थ जब्त करने के लिए होने वाले तलाश अभियान के दौरान उन्हें अपमानित किया जाता है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 25, 2019, 12:04 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...