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दुष्यंत चौटाला: इनके हाथ है जेजेपी की कमान, हिसार से हैं सांसद

दुष्यंत चौटाला

दुष्यंत चौटाला

हिसार में जन्मे दुष्यंत चौटाला हरियाणा की राजनीति में अपनी सहजता और शालीनता के लिए जाने जाते हैं.

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    हरियाणा में चौटाला परिवार में मचे घमासान के बाद अजय चौटाला और उनके दोनों बेटों दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. पार्टी से निष्कासन के बाद देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपनी नई पार्टी का गठन किया. उनकी इस नई पार्टी का नाम जननायक जनता पार्टी है. नई पार्टी में दुष्यंत चौटाला को एक बार फिर हिसार से लोकसभा सीट के लिए प्रत्याशी बनाया गया है. आईए जानते हैं कि दुष्यंत चौटाला हैं कौन?

    इस समय दुष्यंत देश के सबसे युवा सांसद हैं. 2014 में वो जब सांसद बने तो उनकी उम्र मात्र 25 वर्ष 11 माह और 15 दिन थी. हरियाणा के युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ है. वो अच्छे वक्ता हैं. संसद के हर सत्र में बोलते हैं. वह खुद को ताऊ देवीलाल की राजनीतिक विरासत का सबसे बड़ा दावेदार बताते हैं. देवीलाल जानेमाने किसान नेता और उप प्रधानमंत्री थे.

    हिसार में जन्मे दुष्यंत हरियाणा की राजनीति में अपनी सहजता और शालीनता के लिए जाने जाते हैं. वह अपने परिवार की चौथी पीढ़ी के नेता हैं. फेसबुक पर उनके 6.74 लाख, जबकि ट्विटर पर 83 हजार से अधिक फॉलोअर हैं. खेती-किसानी और युवाओं पर उनका फोकस रहा है.



    दुष्यंत चौटाला ने दिसंबर 2015 में लोकसभा में सवाल उठाया था कि किसानों की खुदकुशी पर असहिष्णुता के मुद्दे जैसी चर्चा क्यों नहीं होती? एक बार उन्होंने संसद परिसर में ट्रैक्टर लेकर घुसने की कोशिश की थी. वे अपने परिवार की सियासी छवि से अलग इमेज गढ़ रहे हैं. इसीलिए कभी ऑटो की भी सवारी करते नजर आते हैं.

    दुष्यंत ने हिसार के सेंट मैरी स्कूल से अपनी पढ़ाई शुरू की. दसवीं और बारहवीं की परीक्षा लॉरेंस स्कूल, सनावर हिमाचल प्रदेश से पास की. बॉस्केटबॉल, फुटबॉल और हॉकी में भी उनकी रुचि है. उन्होंने कैलीफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ साईंस इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली है.

    दुष्यंत को पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई के लिए 27 जनवरी 2013 को अमेरिका जाना था, लेकिन 16 जनवरी को जेबीटी प्रकरण में इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला तथा अजय चौटाला को हिरासत में ले लिया गया, जिसकी वजह से वे आगे की पढ़ाई के लिए विदेश नहीं जा सके और उन्हें सियासत में कूदना पड़ा.



    इनेलो करीब डेढ़ दशक से सत्ता से बाहर है. उसे लगता है कि इस बार उनकी वापसी हो सकती है. अभय चौटाला इस वक्त अपने भाई अजय चौटाला और पिता ओम प्रकाश चौटाला के जेल में होने की वजह से राज्य में बतौर प्रधान सचिव पार्टी का पूरा कार्यभार संभाले हुए हैं और खुद को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी प्रोजेक्ट करने में लगे हैं.

    बताया जाता है कि दुष्यंत और दिग्विजय को यही दिक्कत थी. पार्टी में वर्चस्व को लेकर परिवार में खटपट हुई. इस तरह इनेलो टूट गई और एक नई पार्टी का गठन हो गया. देखना ये है कि 31 साल का ये नेता नई पार्टी को कितना आगे ले जाएगा.

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