MSP पर कृषि विधेयकों का कोई असर नहीं, किसी के बहकावे में न आएं किसान : दुष्यंत चौटाला

डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्यसभा में पास कृषि विधेयकों के खिलाफ किसी के बहकावे में न आएं किसान. (फाइल फोटो)
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्यसभा में पास कृषि विधेयकों के खिलाफ किसी के बहकावे में न आएं किसान. (फाइल फोटो)

डिप्टी सीएम ने कहा कि किसानों की फसल अनाज मंडियों में बिना किसी रुकावट के निर्धारित एमएसपी पर ही खरीदी जाएंगी. ज्यादा कीमत का अवसर मिलने पर किसान चाहेंगे तो ओपन मार्केट में भी अपनी फसल बेच सकेंगे.

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  • Last Updated: September 20, 2020, 6:54 PM IST
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चंडीगढ़. उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Deputy CM Dushyant Chautala) ने कहा है कि केंद्र सरकार (central government) के कृषि संबंधित नए विधेयकों में कहीं भी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को समाप्त करने की बात नहीं कही गई है. किसानों की फसल अनाज मंडियों में बिना किसी रुकावट के निर्धारित एमएसपी पर ही खरीदी जाएंगी. ज्यादा कीमत का अवसर मिलने पर किसान चाहेंगे तो ओपन मार्केट में भी अपनी फसल बेच सकेंगे. जिस दिन अन्नदाताओं को उनकी फसल का एमएसपी देने की व्यवस्था पर कोई आंच आएगी, उसी दिन मैं अपना पद छोड़ दूंगा. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में ये बातें कहीं. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी का अधिकार बरकरार रहेगा और इस विषय पर आमलोग किसी के बहकावे में न आएं.

कांग्रेस पर दुष्यंत का हमला

डिप्टी सीएम ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने राजनीतिक स्वार्थ की खातिर भोले-भाले किसानों को गुमराह करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि नए विधेयकों का विरोध करने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए न केवल ओपन मार्केट की वकालत की थी, बल्कि केंद्र की तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार द्वारा गठित समिति के चेयरमैन के तौर पर इन सिफारिशों पर दस्तखत भी किए थे. उन्होंने हुड्डा से सवाल किया कि वे किसानों को बताएं कि उनके इस दोगली नीति को अपनाने के पीछे क्या मजबूरी है और कांग्रेस प्रदेश के किसानों को क्यों गुमराह कर रही है. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में भी कांग्रेस पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की वकालत की गई थी, लेकिन राजनीति से विवश कांग्रेसी आज व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं जबकि यह किसानों के लिए खुशहाली के नए रास्ते खोलने वाला कदम है.



किसानों को दिया भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अगले माह से खरीफ फसलों का एक-एक दाना तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा. उन्होंने किसानों की शंकाओं को दूर करते हुए कहा कि बाजरा, धान के अलावा पहली बार मक्के की फसल भी सरकार एमएसपी पर खरीदेगी. सरकार द्वारा की गई खरीफ की फसल खरीद का भुगतान एक सप्ताह के भीतर-भीतर किसानों के खाते में कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मेरे लिए किसान के हित सर्वोपरी हैं. किसानों को लेकर उनकी नीयत में न कभी कोई खोट आई और न आगे कभी आएगी.
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