कोविड जांच कराकर गायब 43 मरीजों में से 31 मिले, 12 अब भी लापता, खोज में जुटी पुलिस

 पॉजिटिव आने के बाद छुपे 43 मरीजों में 31 मिले, 12 नहीं मिल रहे,  (सांकेतिक तस्वीर)

पॉजिटिव आने के बाद छुपे 43 मरीजों में 31 मिले, 12 नहीं मिल रहे, (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना जांच कराने के बाद गायब हुए 43 कोरोना संमित मरीजों में से स्वास्थ्य विभाग में 31 कोरोना संक्रमित मरीजों का पता लगा लिया है. पिछले दस दिन से गायब 43 लोगों में से अब महज 12 लोगों को ही ढूंढा जा रहा है.

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नूह. कोरोना जांच कराने के बाद गायब हुए 43 कोरोना संक्रमित ( Corona infection ) मरीजों में से स्वास्थ्य विभाग ( Health Department) में 31 कोरोना संक्रमित मरीजों का पता लगा लिया है. मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद 43 लोगों में से अब महज 12 लोगों को ही ढूंढा जा रहा है. आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही यह संक्रमित मरीज भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें ढूंढ निकालेंगीं. इसके लिए पुलिस विभाग के साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है. डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला नॉडल अधिकारी अरविंद कुमार ने पत्रकारों को जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि यह मरीज ऐसे लोग हैं, जिन्होंने कोविड-19 जांच के दौरान या तो पता गलत लिखवा दिया था या फिर मोबाइल नंबर गलत लिखवा दिया गया था. इसी वजह से इनको ट्रेस नहीं किया जा सका था. अब स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में गम्भीरता दिखाई और 31 मरीजों को ढूंढकर उन्हें घर में आइसोलेट कर दिया गया है.

गौरतलब है कि कोरोना जांच कराते समय लोगों ने सही मोबाइल नंबर और पता नहीं दिया. इस कारण कोरोना पॉजिटिव आने वाले मरीजों को ढूंढना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है.  पिछले करीब 10 दिन में ऐसे 43 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं, जो सही पता व मोबाइल नंबर अंकित नहीं कराने के कारण विभाग को नहीं मिल पा रहे हैं. आखिरकार ऐसे लोगों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने साइबर सेल पुलिस की मदद ली है. अब 43 ऐसे पॉजिटिव लोगों की सूची साइबर सेल को मिल चुकी है जो उनका पता लगाने में जुट गई है. विभाग को अब यह चिंता भी सता रही है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद ऐसे लोग सामने आने के बजाय शरारत करते हुए छुप गए और उन्होंने काफी हद तक कोरोना का संक्रमण फैलाने का काम किया है.

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नूंह डिप्टी सिविल सर्जन डॉ अरविंद कुमार ने माना कि जो लोग जिले से बाहर के जिलों से नल्हड़ मेडिकल कॉलेज इत्यादि में कोरोना की जांच करा रहे हैं, इनमें अधिकतर ऐसे लोग हो सकते हैं. जिनका मोबाइल नंबर सही नहीं होने की वजह से उनका सही पता नहीं लग पाया है. संक्रमण ज्यादा तेजी से फैल रहा है, इसलिए जांच करते समय ज्यादा बारीकी में नहीं जाया जाता. यही वजह है की इतनी बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग भी अब अपनी टीमें भेजकर ऐसे लोगों का पता लगाने में जुट गया है. वैसे पुलिस विभाग का साइबर सेल अपने तरीके से ऐसे लोगों का पता लगाने का काम कर रहा है.
कुल मिलाकर सीएमओ नूह ने लोगों से अपील की है की कोरोना जांच कराने के बाद अपना सही पता व मोबाइल नंबर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों - कर्मचारियों के पास दर्ज कराएं. इसमें परिवार व आमजन की भलाई है. सबसे बड़ी बात यह है की पॉजिटिव पाए जाने की सूरत में समय रहते इलाज किया जा सकता है और साथ ही संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है. कुल मिलाकर करीब 43 कोरोना के मरीज इस समय स्वास्थ्य विभाग की सूची से लापता थे. साइबर सैल की मदद से 31 मरीजों का पता लगा लिया है.
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