पाक सरकार ने खालिस्तानी समर्थक गोपाल चावला को प्रबंधक कमेटी से हटाया

करतारपुर कॉरिडोर के लिए 14 जुलाई को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता में यात्रियों की सुविधा, संख्या और जीरो प्वाइंट कनेक्टिविटी प्रमुख मुद्दे रहेंगे.


Updated: July 13, 2019, 5:03 AM IST
पाक सरकार ने खालिस्तानी समर्थक गोपाल चावला को प्रबंधक कमेटी से हटाया
नवजोत सिंह सिद्धू के साथ गोपाल चावला (फाइल फोटो)

Updated: July 13, 2019, 5:03 AM IST
करतारपुर कॉरिडोर के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार (14 जुलाई) को द्विपक्षीय बातचीत होगी. इस बातचीत से पहले पाकिस्तान सरकार ने खालिस्तानी समर्थक गोपाल चावला को प्रबंधक कमेटी से हटा दिया है.

पाकिस्तान की फेडरल कैबिनेट ने नए सदस्यों वाली प्रबंधक कमेटी का ऐलान किया है. दरअसल, भारत ने गोपाल सिंह चावला पर ऐतराज जताया था. भारत ने इस मामले पर पिछली बैठक रद्द कर दी थी.



बताते चलें कि करतारपुर कॉरिडोर के लिए 14 जुलाई को दोनोंं देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में यात्रियों की सुविधा, संख्या और जीरो प्वाइंट कनेक्टिविटी प्रमुख मुद्दे रहेंगे. इस बैठक में दोनों देश सीमा के दोनों ओर इस कॉरिडोर के लिए जारी काम का ब्यौरा भी दे सकते हैं.

कौन है गोपाल चावला

गोपाल कट्टर तौर पर भारत विरोधी और खालिस्तानी आंदोलन का हिमायती है. उसे मोस्ट वांटेड आतंकवादी हाफिज सईद का करीबी भी माना जाता है. गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान के ननकाना साहिब में रहता है. वह पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव और पंजाबी सिख संगत का चेयरमैन है. उसे पाकिस्तान के सिखों से जुड़े सभी प्रोग्राम्स में बुलाया जाता है. वह कट्टर तौर पर खालिस्तानी आंदोलन का हिमायती और भारत विरोधी माना जाता है.

अभी तक भारत की ओर से कितना काम हुआ है
करतारपुर कॉरिडोर पर जो पैसेंजर टर्मिनल बन रहा है वहां पर 500 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. इस अत्याधुनिक टर्मिनल में एयरपोर्ट की तरह तमाम आधुनिक सुविधाएं होगी. भारत सरकार की ओर से  कॉरिडोर को बनाने के लिए 30 इंजीनियर और 200 से ज्यादा मजदूर काम पर लगे हुए हैं. प्री फेब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर से पैसेंजर टर्मिनल तैयार किया रहा है. ऐसा इसलिए कि समय कम से कम लगे और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो. जहां तक सड़क बनाने का सवाल है तो एनएचएआई रोड को तैयार करने में तेजी से लगा है. 60 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है.
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कैसा होगा करतारपुर कॉरिडोर
4 लेन का रोड होगा कॉरिडोर का, जिसमें सर्विस लेन भी होगी. चाहे सड़क का काम हो या फिर पैसेंजर टर्मिनल हो, सारी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. दोनों जगह पंजाबी संस्कृति की झलक हो इसके लिए देश विदेश से विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है. भारत के दूरदराज इलाकों से इस टर्मिनल तक लोग आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए भी खास बसें चलाई जाएंगी. ये कॉरिडोर 4.7 किलोमीटर का है.

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