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एक माह से लापता को ढूंढने में नाकाम पुलिस

एक माह से लापता को ढूंढने में नाकाम पुलिस

रेलवे कालोनी के 12 वर्षीय विक्रम की पिछले एक माह से लापता होने की खबर है। जिसे ढूंढने में अम्बाला की पड़ाव पुलिस भी नाकाम साबित हुई है। हालांकि पुलिस अगले ही दिन रपट दर्ज करके लापता हुए विक्रम को ढूंढने की कोशिश के साथ जगह जगह उसकी फोटोयुक्त पोस्टर चस्पा करने के दावे कर रही है। वहीं विक्रम की माता जसविंद्र कौर की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री से मिली।

रेलवे कालोनी के 12 वर्षीय विक्रम की पिछले एक माह से लापता होने की खबर है। जिसे ढूंढने में अम्बाला की पड़ाव पुलिस भी नाकाम साबित हुई है। हालांकि पुलिस अगले ही दिन रपट दर्ज करके लापता हुए विक्रम को ढूंढने की कोशिश के साथ जगह जगह उसकी फोटोयुक्त पोस्टर चस्पा करने के दावे कर रही है। वहीं विक्रम की माता जसविंद्र कौर की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री से मिली।

रेलवे कालोनी के 12 वर्षीय विक्रम की पिछले एक माह से लापता होने की खबर है। जिसे ढूंढने में अम्बाला की पड़ाव पुलिस भी नाकाम साबित हुई है। हालांकि पुलिस अगले ही दिन रपट दर्ज करके लापता हुए विक्रम को ढूंढने की कोशिश के साथ जगह जगह उसकी फोटोयुक्त पोस्टर चस्पा करने के दावे कर रही है। वहीं विक्रम की माता जसविंद्र कौर की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री से मिली।

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रेलवे कालोनी के 12 वर्षीय विक्रम की पिछले एक माह से लापता होने की खबर है। जिसे ढूंढने में अम्बाला की पड़ाव पुलिस भी नाकाम साबित हुई है। हालांकि पुलिस अगले ही दिन रपट दर्ज करके लापता हुए विक्रम को ढूंढने की कोशिश के साथ जगह जगह उसकी फोटोयुक्त पोस्टर चस्पा करने के दावे कर रही है। वहीं विक्रम की माता जसविंद्र कौर की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री से मिली।

हरियाणा के स्वास्थ्य, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनिल विज की कोठी पर पुलिसिया कार्रवाई से हताश होकर खड़ी इस माँ की आँखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह मां अपनी बहन के साथ दो बहिनो के इकलौते भाई और 12 वर्षीय अपने जिगर के टुकड़े विक्रम को ढूंढने में पड़ाव पुलिस अधिकारीयों की ढीली कार्रवाई और नाकामी की शिकायत करने विज की कोठी पर आई है।

अपने हाथ में पुलिस द्वारा छपवाए गए पोस्टर और बेटे की तस्वीर लेकर यह अभागी मां टुकुर-टुकर चारों तरफ हर किसी से गुहार भरी आंखों से देख रही है, कि कहीं कोई उसके एक माह से लापता हुए बेटे की खबर उसे देगा। विक्रम की मां का कहना है विक्रम की उम्र 12 साल है और वे रेलवे कालोनी के एक निजी स्कुल में 5वीं क्लास में पढता है। वह 23 फरवरी से अचानक घर के बाहर खेलते हुए कहीं अदृश्य हो गया और अभी तक घर वापिस नहीं आया है। उसके पिता रेलवे के चतुर्थ कर्मचारी हैं और इसी कारण उनका भी एक्सीडेंट हो गया था जो मुश्किल से अब काम पर गए हैं।

विक्रम की मां का कहना है कि अपने रिश्तेदारों के घर भी पता लगा चुकी है लेकिन विक्रम का कहीं सुराग नहीं मिला है। उसने पड़ाव थाना में भी विक्रम के लापता होने की रपट लिखवाई है मगर उसके बेटे का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। यह मां पूछती है कि आखिर ऊके जिगर का टुकड़ा कहां गया है? उसका कहना है उसे क्या आसमान निगल गया या धरती में समा गया है?

पुलिस भी बस उसके पोस्टर छपवा कर शहर में लगवाने के आलावा उसकी खोज करने में आना कानी करने में लगी है। वे कई बार पुलिस अधिकारीयों से भी गुहार लगा चुकी है मगर उसके लाल को किसी ने भी ढूढ़ने की कोशिश नहीं की है। अब थक हार कर वे सूबे के मंत्री अनिल विज से गुहार लगाने आई है। हर कोई इस मां के आंसू देख कर पुलिस की कार्रवाई की निंदा करने लगा है। मां का कहना है कि यदि पुलिस चाहे तो उसके बेटे को ढूंढ कर उनकी झोली में डाल सकती है।

वहीं थाना पड़ाव पुलिस अधिकारी का मानना है कि 23 फरवरी को उन्हें एक शिकायत मिली थी जिसमे विक्रम के गम होने की सूचना दी गई थी। पुलिस ने काफी छानबीन की लेकिन उन्हें विक्रम का कहीं पता नहीं चला।

पुलिस को पता चला कि विक्रम उस दिन स्कूल भी नहीं गया था और करीब साढ़े तीन बजे घर से कहीं चला गया है। पुलिस ने उसके फोटोयुकत पोस्टर भी जगह जगह छापा किये हैं और उसे ढूंढने वाले को 25 का इनाम देने की घोषणा की है।

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