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पराली से बढ़ते प्रदूषण पर राजनीति और कोर्ट का रुख

News18 Haryana
Updated: November 6, 2019, 10:16 AM IST
पराली से बढ़ते प्रदूषण पर राजनीति और कोर्ट का रुख
पराली जलाने के लिए एक दूसरे को कोसती सरकारें

प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सोमवार से ऑड ईवन का फॉर्मूला लागू कर दिया है. केजरीवाल इसके लिए अपनी पीठ थपथपाते हैं. लेकिन दिल्ली की गलघोंटू हवा के लिए पंजाब और हरियाणा को जिम्मेदार ठहराते हैं.

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चंडीगढ़. पराली, प्रदूषण और पॉलिटिक्स इन दिनों दिल्ली से लेकर हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) तक यही खेल चल रहा है. दिवाली (Diwali) के बाद से दिल्ली के पर्यावरण (Envvironment) का दिवाला निकला हुआ है. दिल्ली-NCR से लेकर हरियाणा के कई शहरों का दम घुट रहा है. लेकिन सबसे बुरा हाल दिल्ली (Delhi) का है. देश के दिल की फिजाएं ज़हरीली हो चुकी हैं. आसमां में धुएं का गुबार है और सांस पर संकट बना हुआ है.

प्रदूषण (Pollution) रोकने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सोमवार से ऑड ईवन (Odd Even) का फॉर्मूला लागू कर दिया है. केजरीवाल इसके लिए अपनी पीठ थपथपाते हैं. लेकिन दिल्ली की गलघोंटू हवा के लिए पंजाब और हरियाणा को जिम्मेदार ठहराते हैं.

पराली जलाता किसान


सीएम खट्टर ने नासा की सेटेलाइट इमेज को किया ट्वीट

आरोपों की गेंद हरियाणा पहुंची तो हरियाणा ने नासा के आंकड़ों के साथ पंजाब के सिर आरोप मढ़ दिए गए और हरियाणा में कम पराली जलने का हवाला देकर खुद को शाबाशी दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने तो नासा की सेटेलाइट इमेज ट्वीट कर अपनी बेकसूरी और पंजाब के दागदार होने का सबूत पेश करने की कोशिश की.



पंजाब के सीएम इसे बताते हैं किसानों की मजबूरी

सेटेलाइट इमेज से मिले आंकड़ें बताते हैं कि सबसे ज्यादा पराली पंजाब के किसान जला रहे हैं और रोज़ आती तस्वीरें इस बात की गवाही भी देते हैं. लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री इसे किसानों की मजबूरी बता रहे हैं. आरोपों की टोपी दिल्ली से हरियाणा और फिर पंजाब पहुंची तो कैप्टन साहब ने केंद्र के पाले में ऐसी गेंद फेंकी है कि केंद्र का क्लीन बोल्ड होना तय है

एक दूसरे पर लगाए जा रहे दाग

प्रदूषण की परेशानी के लिए एक दूसरे की कमीज़ पर दाग लगाए जा रहे हैं और हर कोई अपनी कमीज़ सफेद और दूसरे की दागदार बता रहा है. बयानबाजी का दौर जारी ह और पराली जलाने का भी. बस शहरों का दम घुंट रहा है और शायद 15 से 20 दिन बाद हालात काबू में होंगे. फिर ये बयानबाजी का बस्ता एक साल के लिए खूंटी पर टंग जाएगा, क्योंकि यही राजनीति की रिवायत है.

सुप्रीम कोर्ट ने तीन प्रदेशों के मुख्य सचिवों को किया तलब

ये मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गया है और सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर बेहद गंभीर है. पराली जलाने की घटनाओं से सुप्रीम कोर्ट इतना खफा है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को तलब किया है. साथ ही ये भी हिदायत दी है कि अगर अब पराली जली तो टॉप से बॉटम तक के अफसर नप जाएंगे.

मुख्य सचिव के पेश होने को लेकर हरियाणा ने हिल्लाहवाली की. विधानसभा सत्र चलने का हवाला दिया तो कोर्ट ने साफ कर दिया कि बुधवार को मुख्यसचिव को पेश होना ही होगा वर्ना कोर्ट को विधानसभा का सत्र रद्द करने का तरीका बखूबी आता है. अब हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की इज्जत अब मुख्य सचिवों के हाथों में कि वो अपने अपने हुक्मरानों को कोर्ट की लताड़ से कैसे बचाते हैं.

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First published: November 6, 2019, 10:10 AM IST
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