हरियाणा की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं, तलाशी के दौरान अपमानित होती हैं महिला कैदी- अध्ययन

News18 Haryana
Updated: August 24, 2019, 10:26 PM IST
हरियाणा की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं, तलाशी के दौरान अपमानित होती हैं महिला कैदी- अध्ययन
महिला कैदियों ने शिकायात की कि उन्हें तलाशी अभियान के दौरान अपमानित किया जाता है.

मानवाधिकार संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिसिएटिव के एक अध्ययन से यह पता चला है कि हरियाणा की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं, इसमें रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से तकरीबन दोगुनी संख्या में कैदी मौजूद हैं.

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मानवाधिकार संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिसिएटिव (Commonwealth Human Rights Initiative / सीएचआरआई) के एक अध्ययन से यह पता चला है कि हरियाणा की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं, इसमें रेवाड़ी जेल में निर्धारित संख्या से तकरीबन दोगुनी संख्या में कैदी मौजूद हैं. सीएचआरआई ने हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (Haryana State Legal Services Authority / एचएसएलएसए) के तत्वावधान में यह अध्ययन किया. अध्ययन में महिला कैदियों को होने वाली समस्याओं मसलन तलाशी अभियान के दौरान ‘‘अपमानित’’ करने जैसी बातें सामने आई.

बहरहाल, यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य के कैदियों की ‘‘गंदी, मलिन और नारकीय’’ स्थिति नहीं है. ऐसा पाया गया है कि जेलों में आधारभूत ढांचे, देखभाल और सफाई के इंतजाम हैं. ‘‘इनसाइड हरियाणा प्रिजन’’ नाम से अध्ययन में पाया गया कि पानीपत जेल में कैदियों की संख्या 22.8 प्रतिशत जबकि रेवाड़ी जेल में यह 170 प्रतिशत अधिक है.

राज्य की 19 जेलों में बंद हैं 19,000 कैदी 

टीम ने अध्ययन के लिए दिसंबर 2017 और मई 2018 के बीच 475 कैदियों, विधिक सेवा संस्थानों के प्रतिनिधियों और जेल अधिकारियों से बातचीत की. इनमें महिला कैदियों की संख्या 93, विचाराधीन कैदियों की संख्या 192, 122 पुरुष कैदी, 39 नाबालिग कैदी और 29 विदेशी नागरिक हैं. राज्य की 19 जेलों में 19,000 कैदी हैं, जिनमें अंबाला का एक और हिसार में दो केंद्रीय कारागार हैं. अन्य 16 जिला जेल हैं. टीम ने इन सभी जेलों में जांच की.

अध्ययन में अंबाला और हिसार (I), रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा, जिंद, पानीपत, नारनौल और भिवनानी जेलों में निर्धारित संख्या से कैदियों की संख्या अत्यधिक थी. अध्ययन में यह भी कहा गया कि कैदियों की तलाशी के दौरान उनकी सुरक्षा एवं गरिमा को बनाए रखने के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं है. एक जेल में कुछ महिला कैदियों ने नशीला पदार्थ एवं मोबाइल फोन जब्त करने के लिए होने वाले औचक निरीक्षण के दौरान उन्हें होने वाली असुविधाओं का जिक्र किया.

गुरुग्राम की जेल में महिला कैदियों ने टीम को शिकायत की कि मोबाइल फोन और नशीला पदार्थ जब्त करने के लिए तलाशी अभियान के दौरान उन्हें ‘‘अपमानित’’ किया जाता है.

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First published: August 24, 2019, 10:22 PM IST
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