हरियाणा में गेहूं की खरीद आज से शुरू, जानें पहले दिन कितने किसान बेच सकेंगे फसल

किसानों की सुविधा के लिए सरसों और चने की खरीद के लिए क्रय विक्रय सहकारी समितियों पर भी 264 -264 केंद्र बनाए गए हैं.

किसानों की सुविधा के लिए सरसों और चने की खरीद के लिए क्रय विक्रय सहकारी समितियों पर भी 264 -264 केंद्र बनाए गए हैं.

हरियाणा सरकार ने इस बार 81 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जबकि प्रदेश में इस बार 125 लाख टन गेहूं की पैदावार होने का अनुमान है.

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चंडीगढ़. हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद (Wheat Procurement) 1 अप्रैल यानि गुरुवार से शुरू होने वाली है. किसान आंदोलन (Farmers Agitation) के चलते राज्य सरकार इस वर्ष फसल खरीद को लेकर काफी गंभीर दिख रही है. पहले दिन 6402 किसानों को मैसेज भेजकर फसल बिक्री के लिए बुलाया गया है. इस बार 63.47 लाख एकड़ में गेहूं की फसल है. 125 लाख टन उत्पादन का अनुमान है. सरकार ने 81 लाख टन खरीद का लक्ष्य रखा है. पिछली बार 77 लाख टन खरीद हुई थी.

बता दें कि इस बार फसल का भुगतान सीधे किसानों के खाते में जाएगा. सरकार ने 48 घंटे में पेमेंट देने का आश्वासन दिया है. डिप्टी सीएम ने कहा कि 48 घंटे में पेमेंट नहीं आई तो 72 घंटे बाद सरकार कुल राशि पर 9% ब्याज भी देगी.

फसल के रजिस्ट्रेशन से पेमेंट तक की पूरी जानकारी

जिन किसानों ने ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है, उनके लिए मंडी अधिकारी फसल खरीद के लिए दिन तय करेंगे. जो रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए, उनके लिए 5 व 6 अप्रैल को पोर्टल एक बार फिर खुलेगा. दूसरे राज्य में फसल है तो जमीन की वेरिफिकेशन दिखानी होगी. फसल मंडी में लाने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर किसान द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा. इसमें मंडी में फसल लाने के लिए दिन व समय दिया होगा.
समय पर नहीं पहुंच पाए तो अगले सप्ताह आएगा नंबर

जो किसान तय समय पर फसल लेकर मंडी पहुंच पाएंगे, उनकी फसल खरीद ली जाएगी. जो नहीं पहुंच पाएंगे, उनका अगले सप्ताह फिर नंबर आएगा. मंडी में पहुंचने पर गेट पर फसल का तोल होगा. इसके बाद बोरी में भरते समय भी तोल होगा. भराई के समय के तोल को ही सही माना जाएगा. इसके बाद आढ़ती जे फार्म देगा. इसमें रेट, वजन और कुल राशि लिखी होगी.
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