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SYL मुद्दा: इनेलो का एेलान- पंजाब से आने वाले वाहनों की एंट्री 10 जुलाई से बंद

अभय चौटाला के मुताबिक इनेलो कार्यकर्ता पांच जगहों पर हरियाणा पंजाब की सीमा पर पंजाब के वाहनों को रोकेंगे. (File Photo)

अभय चौटाला के मुताबिक इनेलो कार्यकर्ता पांच जगहों पर हरियाणा पंजाब की सीमा पर पंजाब के वाहनों को रोकेंगे. (File Photo)

सतलज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के बीच जारी राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.

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सतलज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के बीच जारी राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने एसवाईएल के मुद्दे पर 10 जुलाई को पंजाब से हरियाणा होकर दिल्ली जाने वाली बसों को रोकने का ऐलान कर दिया है.

हरियाणा के नेता विपक्ष अभय चौटाला ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि हरियाणा से पंजाब की सीमा पांच जगहों पर मिलती है. यहां से पंजाब के वाहन हरियाणा से होकर दिल्ली और दूसरे राज्यों में जाते हैं. लेकिन जिस तरह से एसवाईएल के मुद्दे पर पंजाब का रवैया रहा है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी पंजाब की कांग्रेस सरकार हरियाणा के हिस्से का पानी देने को तैयार नहीं है उसे लेकर अब आंदोलन और भी तेज किया जाएगा. 10 जुलाई को पंजाब के किसी भी वाहन को हरियाणा में घुसने नहीं दिया जाएगा.

अभय चौटाला के मुताबिक इनेलो कार्यकर्ता पांच जगहों पर हरियाणा पंजाब की सीमा पर पंजाब के वाहनों को रोकेंगे और हरियाणा से होकर नहीं गुजरने देंगे. अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा से पंजाब जाने वाले वाहनों को तो जाने दिया जाएगा लेकिन पंजाब से जो वाहन हरियाणा में आने की कोशिश करेंगे उनको वही रोक दिया जाएगा. पंजाब के तमाम लोगों को हरियाणा की सीमा पर ही रोक कर उन्हें लाल गुलाब और पीने का पानी दिया जाएगा. उनसे अपील की जाएगी कि वो वापिस जाकर पंजाब सरकार को बोले कि हरियाणा के हिस्से का पानी जल्द ही एसवाईएल के जरिए दिया जाए.

अभय चौटाला ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्वक रहेगा. जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा को कोई ठोस भरोसा नहीं देते और ये आश्वासन नहीं देते कि जल्द ही एसवाईएल का निर्माण करवाकर हरियाणा के हिस्से का पानी दिया जाएगा तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा.

वहीं इनेलो के इस बड़े आंदोलन को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने भी कमर कस ली है. हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिवों ने एक मीटिंग करके दोनों ही राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने का फैसला लिया है. साथ ही हरियाणा सरकार ने केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 10 टुकड़ियां भी मांगी है. पंजाब पुलिस की तरफ से भी पंजाब की सीमा में और हरियाणा पुलिस की तरफ से हरियाणा की सीमा में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं.

हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने इनेलो से अपील की वो अपना आंदोलन शांतिपूर्वक करें और सड़कें और रास्ता रोककर आम लोगों को परेशान ना करें. उन्‍होंने साफ कर दिया कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले लोगों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा और इसी के लिए अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जाएगी.

वहीं पंजाब सरकार ने आंदोलन पर सवाल खड़े किए हैं. पंजाब के सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत ने कहा कि जब पंजाब में अकाली दल की सरकार थी तब हरियाणा में इनेलो ने एसवाईएल के मुद्दे पर ना तो कोई बात कही और ना ही कोई प्रदर्शन किया. लेकिन जैसे ही पंजाब में सत्ता परिवर्तन हुआ और चौटाला परिवार के नजदीकी बादल परिवार की सरकार चली गई तो इनेलो को एसवाईएल की याद आने लगी.

एसवाईएल का मुद्दा पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्यों की राजनीतिक पार्टियों के लिए संजीवनी के समान है. इसी वजह से जब जिस पार्टी का मन करता है वो इस मुद्दे पर राजनीति करने से पीछे नहीं हटती है.

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