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पिता की मौत, ओलंपिक में चोट, फिर भी कम नहीं हुआ विनेश का जज्बा

विनेश फोगाट (फाइल फोटो)

विनेश फोगाट (फाइल फोटो)

ताऊ के विश्वास और गीता-बबीता बहनों से प्रेरणा लेते हुए विनेश फौगाट ने एशियन खेलों में गोल्ड जीतकर पुराने जख्मों पर मरहम ...अधिक पढ़ें

    कई वर्ष पूर्व पिता की मौत हुई थी, रियो ओलंपिक में ऐसी चोटी लगी कि बिस्तर पर रही, फिर भी चरखी दादरी की बहादुर बेटी विनेश फौगाट का जज्बा कम नहीं हुआ और एशियन खेलों में महिला कुश्ती में पहला गोल्ड जीतकर इतिहास रचा है. पिता की मौत के बाद ताऊ द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर फौगाट ने विनेश और उसकी छोटी बहन को अपनाया और अपनी बेटियों के साथ अखाड़े में उतारा.

    ताऊ के विश्वास और गीता-बबीता बहनों से प्रेरणा लेते हुए विनेश फौगाट ने एशियन खेलों में गोल्ड जीतकर पुराने जख्मों पर मरहम लगा दिया. विनेश ने अपने परिवार और जिले के लोगों की आश के अनुरूप जीत हासिल की है. परिवार, क्षेत्र के लोग विनेश की इस उपलब्धि पर खुशी से झूम उठे.

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    बता दें कि विनेश के पिता और महाबीर फौगाट के भाई राजपाल जो रोडवेज विभाग में ड्राइवर थे. उनकी वर्ष 2003 में मौत हो गई थी. जिसके बाद महावीर फौगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंका को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी. विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाते हुए दो गोल्ड सहित 8 मेडल जीतकर उनका और देश का नाम रोशन किया है.

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    इसी कड़ी में विनेश ने अपनी प्रतिभा दिखाते हुए एशियन खेलों में महिला कुश्ती में पहला गोल्ड जीतकर देश में इतिहास रचा है. बता दें कि विनेश फौगाट चोट लगने से पूर्व 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी. इस वर्ष अप्रैल माह में हुए कॉमनलवेल्थ में विनेश ने 50 किलोग्राम वर्ग में रिंग में उतरते हुए गोल्ड मेडल जीता था.

    सरकार द्वारा विनेश की प्रतिभा व उसके खेल को देखते हुए अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था. विनेश इस वर्ष अप्रैल में और वर्ष 2014 कॉमनवेल्थ में गोल्ड और 2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं. एशियन खेलों के फाइनल मुकाबले में विनेश ने जापान की इरी युकी को 6-2 से से मात देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया.

    Tags: Charkhi Dadri

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