Weather in Haryana: हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, 2 दिन बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी

तूफान से गिरा पेड़

तूफान से गिरा पेड़

Haryana Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘यास’ (yas) का असर अब उत्तरी भारत और एनसीआर, हरियाणा पर पड़ना शुरू हो गया है.

  • Share this:

चंडीगढ़. हरियाणा में मौसम (Weather) का मिजाज एक बार फिर से बदल गया है. प्रदेश में मंगलवार व बुधवार को प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी व हल्की बरसात (Rain) की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने यलो अलर्ट (yellow Alert) जारी किया है. वहीं, सोमवार देर शाम रोहतक, पानीपत, करनाल, हिसार, सिरसा, भिवानी, फतेहाबाद, जींद, कुरुक्षेत्र, कैथल, अम्बाला और पंचकूला में तेजी आंधी के साथ बारिश हुई. जबकि अन्य जिलों में तेज हवाएं चलीं. आंधी से कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बिजली लाइनों में फाल्ट से घंटों बिजली गुल रही.

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्री-मानसून (Pre-Mansoon) के चलते आंधी-तूफान आ रहा है. प्री-मानसून सीजन में अक्सर आंधी तूफान चलते हैं और चंडीगढ़ रीजन में यह सिलसिला तब तक चलता रहेगा, जब तक मानसून दस्तक नहीं देता. विभाग के अनुसार जून के मध्य तक आंधी तूफान चलने का सिलसिला चलता रहेगा. चंडीगढ़ रीजन में मार्च, अप्रैल और मई में आंधी चलती रहती है.

मई में सामान्य से 138 फीसदी ज्यादा बारिश हुई

बता दें कि हरियाणा में एक से 31 मई तक 45.1 एमएम बरसात हुई है, जो सामान्य से 138 फीसदी अधिक है. जबकि, एक मार्च से 31 मई तक 53.9 एमएम बरसात हुई है जो सामान्य से 39 फीसदी ज्यादा है. दो जून तक प्रदेश में हल्की बारिश होने की संभावना है.
‘यास’ के अलावा आंधी-बारिश की और भी वजहें

बंगाल की खाड़ी में आया ‘यास’ तूफान तो एक वजह है ही, साथ ही राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) के कारण यह बारिश देखने को मिलेगी. जब भी पश्चिमी विक्षोभ गुजरता है, तब हवाओं के एक चक्रवात बन जाता है जिसे साइक्लोनिक सर्कुलेशन कहते हैं. यह सर्कुलेशन हवा व नमी का मिश्रण होता है जो आगे जाकर बारिश करने का काम करता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज