Haryana Weather Update: हरियाणा में जून के आखिरी या जुलाई के प्रथम सप्ताह में पहुंचेगा मॉनसून

प्रदेश में माॅनसून सीजन यानी जून से सितंबर तक औसतन 460 मिलीमीटर बरसात होती रही है (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

प्रदेश में माॅनसून सीजन यानी जून से सितंबर तक औसतन 460 मिलीमीटर बरसात होती रही है (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

Weather in Haryana: तीन जून को नारनौल में दिन का तापमान 33.0 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9 डिग्री कम रहा. हिसार में 37.1, करनाल में 35.0, भिवानी में 35.9 डिग्री तापमान रहा.

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चंडीगढ़. हरियाणा में इस साल मॉनसून जून में दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग (Weather Department) के अनुसार परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो हरियाणा में मॉनसून (Monsoon in Haryana) समय या समय पूर्व भी दस्तक दे देता है. ऐसे में संभावना है कि प्रदेश में मॉनसून जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई प्रथम सप्ताह में पहुंचेगा. मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून ने केरल में बेशक दो दिन देरी से पहुंचा है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हरियाणा में भी देरी से आएगा.

बता दें कि हरियाणा में करीब 32 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बिजाई होती है. इनमें सबसे अधिक पानी की खपत वाली करीब 15 लाख हेक्टेयर में धान, 6.5 लाख हेक्टेयर में कपास, 5 लाख हेक्टेयर में बाजरा, तीन लाख हेक्टेयर में ग्वार, दलहन फसलें, सब्जियां और चारा की फसलें शामिल हैं. इनको सिंचाई के लिए मॉनसून का पूरी तरह से सक्रिय रहना जरूरी होता है.

जून से सितंबर तक औसतन 460 मिलीमीटर बरसात होती रही

प्रदेश में मॉनसून सीजन यानी जून से सितंबर तक औसतन 460 मिलीमीटर बरसात होती रही है, लेकिन पिछले 10 साल में यह वर्ष 2018 में ही 415 मिलीमीटर तक पहुंच पाया था. 1990 के बाद 12 बार ही ऐसी स्थिति बनी है जब सामान्य या सामान्य से अधिक बरसात हुई है. जबकि 17 बार सामान्य से कम बरसात हुई है. 1995 में प्रदेश में सामान्य से 83 फीसदी अधिक बरसात हुई थी, तब बाढ़ की स्थिति बनी थी. वर्ष 1998 में सामान्य से 39.6 एमएम व वर्ष 2010 में सामान्य से 21 फीसदी अधिक बरसात हुई थी.

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