दादरी में दो दिन में मृत मिलीं दर्जन भर गायें, नगर परिषद के चेयरमैन ने कहा-मुझे नहीं है जानकारी
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दादरी में दो दिन में मृत मिलीं दर्जन भर गायें, नगर परिषद के चेयरमैन ने कहा-मुझे नहीं है जानकारी
दादरी शहर के विभिन्न हिस्सों में गायों की मौतों का सिलसिला जारी है. दो दिनों में 12 गायों की मौत हुई है.

दादरी शहर के विभिन्न हिस्सों में गायों की मौतों का सिलसिला जारी है. बीते दो दिनों में दर्जनभर गायों की मौत हुई हैं.

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चरखी दादरी. दादरी शहर के विभिन्न हिस्सों में गायों की मौतों (Death of Cow) का सिलसिला जारी है. विभिन्न स्थानों पर बीमार पड़ी गायों (Ill Cow) का गौ सेवको ने उपचार किया और कुछ मृत गायों को शहर से बाहर खेतों में मिट्टी दी. पिछले दो दिनों में शहर में दर्जनभर गायों की मौत हुई है. बस स्टैंड के पीछे, कॉलेज रोड, झज्जर घाटी, गांधी नगर, सीसीआई फाटक के निकट व सुभाष चौक से मृत गायों के होने की सूचनाएं गौ सेवकों को मिली और वे मौके पर पहुंचे. उन्होंने बीमार गायों को उपचार भी किया. वहीं मृत गायों को शहर के बाहर मिट्टी में दबवाया गया.

दादरी के निवासी मनोज कुमार ने बताया कि इन सभी मौतों का कारण पहली नजर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए तले हुए भोजन परोसना (Fried Food Served) ही हैं. गौ सेवक मनोज कुमार ने बताया कि गाएं इन व्यंजनों को पचा नहीं पाईं और इसके चलते उनकी मौत हो गई. श्राद्ध पक्ष की अमावस्या के बाद दो दिनों तक 12 गायों के शव अलग-अलग जगहों से उठाए गए.

गायों की लगातार मौत के बाद गौ भक्तों ने रोष जताया है. उन्होंने कहा कि हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है लेकिन इसके बाद भी पशु चिकित्सालय विभाग द्वारा गायों के बचाव के लिए टीम को तैनात किया जाता है. अगर विभाग चाहता तो ये टीमें आपसी संपर्क से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंच कर काम करती और और गोवंशों को इलाज दे पाती.



शहर को कैटल फ्री करने के वादों की उड़ रही धज्जियां
प्रदेश सरकार व प्रशासन द्वारा दादरी शहर को कैटल फ्री (Cattle Free) करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे. बावजूद इसके शहर के अधिकांश क्षेत्रों में गौवंश घूम रहे हैं. हालांकि प्रशासन द्वारा जिले में तीन नंदी शालाएं खोली गई थीं, लेकिन रखरखाव व अन्य खामियों के चलते दो नंदीशाला बंद हो चुकी हैं. शहर में चल रही एक नंदीशाला भी रखरखाव के कारण बंद होने के कगार पर है.

टैग लगी गायें भी मिलीं मृत

गौ सेवकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में दर्जनभर गायों की मौत हुई है, उनमें से कुछ के कानों पर टैग लगे हुए थे. गोभक्तों के अनुसार टैग लगे गोवंशों के देखभाल की जिम्मेदारी नगर परिषद और जिला प्रशासन की थीं.

नहीं है ऐसी कोई जानकारी: संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद

नगर परिषद के चेयरमैन संजय छपारिया का कहना है कि शहर में गायों की मौत होने की कोई जानकारी नहीं है. अगर ऐसा है तो हम विशेष कदम उठाएंगे ताकि गौवंश की मौत ना हो.

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