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हरियाणा: BJP की पूर्व मंत्री को किसानों ने दिखाए काले झंडे, कार्यक्रम को बीच में छोड़ निकलीं

चरखी दादरी में भाजपा की पूर्व मंत्री कविता जैन का विरोध

चरखी दादरी में भाजपा की पूर्व मंत्री कविता जैन का विरोध

Kisan Aandolan: पूर्व मंत्री कविता जैन को काले झंडे दिखाने के बाद फौगाट खाप की अगुवाई में किसानों ने आपातकालीन मीटिंग बुलाई.

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चरखी दादरी. जिले में जैन समाज के एक कार्यक्रम में पहुंची पूर्व मंत्री और भाजपा नेत्री कविता जैन (Kavita Jain) को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा. फौगाट खाप (Phogat khap) पदाधिकारी व किसानों के विरोध को देखते हुए कविता जैन को कार्यक्रम बीच में छोडक़र निकलना पड़ा. इस दौरान किसानों ने पूर्व मंत्री को काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन किया. कार्यक्रम के बाद फौगाट खाप ने आपातकालीन मीटिंग बुलाकर भाजपा-जजपा नेताओं को काले झंडे दिखाने व विरोध करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया.

बता दें दादरी जिला की सर्वजातीय सर्वखापों ने पिछले दिनों सरकार के नेताओं का कृषि कानूनों के विरोध में सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया था. रविवार को भाजपा नेत्री व पूर्व मंत्री कविता जैन दादरी के जैन मोहल्ला के एक कार्यक्रम में पहुंची. जिसकी जानकारी मिलने पर किसान एकजुट हुए और विरोध करने पहुंचे. जैसे ही इसकी जानकारी कविता जैन को मिली तो वे कार्यक्रम बीच में छोडक़र निकल गई. इसी दौरान किसानों ने कविता जैन को काले झंडे दिखाते हुए रोष जताया. किसानों ने बताया कि पूर्व मंत्री की गाड़ी से एक किसान भी बाल-बाल बच गया.

किसानों ने आपातकालीन मीटिंग बुलाई



पूर्व मंत्री को काले झंडे दिखाने के बाद शहर के स्वामी दयाल धाम पर फौगाट खाप की अगुवाई में किसानों ने आपातकालीन मीटिंग बुलाई. फौगाट खाप के प्रधान बलवंत नंबरदार ने मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए आगामी दिनों में भाजपा-जजपा नेताओं के विरोध को लेकर रणनीति बनाई. साथ ही निर्णय लिया कि भाजपा-जजपा नेताओं के सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया है.
दोनों पार्टियों का बहिष्कार जारी रहेगा

फौगाट खाप प्रधान बलवंत नंबरदार ने बताया कि सर्वजातीय खापों के फैसलें अनुसार कविता जैन का विरोध किया और काले झंडे दिखाए हैं. कृषि कानूनों के विरोध में दोनों पार्टियों का बहिष्कार जारी रहेगा. आज आपातकालीन मीटिंग बुलाकर भविष्य में दोनों पार्टियों के नेताओं का एकजुट होकर विरोध करने पर रणनीति बनाई गई. साथ ही समाज के लोगों से आह्वान भी किया कि किसी भी कार्यक्रम में सरकार के नेताओं को ना बुलाएं.
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