हरियाणा की पहली महिला सांसद और पूर्व उपराज्‍यपाल चंद्रावती का निधन, बंसीलाल को हरा बनाया था रिकॉर्ड

चंद्रावती का हरियाणा की राजनीति में कई दशक तक दबदबा रहा और वह महत्‍वपूर्ण पदों पर रहीं.
चंद्रावती का हरियाणा की राजनीति में कई दशक तक दबदबा रहा और वह महत्‍वपूर्ण पदों पर रहीं.

पूर्व उपराज्यपाल और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रावती पिछले काफी समय से बीमार चल रही थीं. उन्‍होंने PGI रोहतक में अंतिम सांस ली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 6:58 AM IST
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चरखी दादरी. 70 के दशक में जनता पार्टी की ओर से भिवानी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए हरियाणा के पूर्व सीएम बंसीलाल (Bansi Lal) को करारी शिकस्त देते हुए प्रदेश की पहली महिला सांसद बनने का गौरव प्राप्त करने वाली पूर्व उप राज्यपाल चंद्रावती का रविवार को रोहतक पीजीआई में उपचार के दौरान निधन हो गया. उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटीव होने के कारण चिकित्सकों की टीम द्वारा उनके पैतृक गांव डालावास में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान कई नेता व गणमान्य लोग अंतिम यात्रा में शामिल रहे. चंद्रावती ने अपने जीवन में 14 चुनाव लड़े. इस दौरान वे संसदीय सचिव, विधायक, राज्य मंत्री, सांसद व उपराज्यपाल बनीं. उनके मन में हमेशा सीएम बनने की टीस बनी रही.

बता दें कि प्रदेश की प्रथम महिला अधिवक्ता, प्रथम महिला विधायक दल नेत्री, प्रथम महिला सांसद, पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल व कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रावती पिछले काफी समय से बीमार चल रही थीं. रविवार सुबह उन्होंने रोहतक पीजीआई में अंतिम सांस ली. चंद्रावती काफी समय से दादरी के सरकारी निवास में रहती थीं. उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक जताया है और उनको श्रद्धांजलि दी. चंद्रावती को श्रद्धांजलि देने लोग काफी संख्या में उनके पैतृक गांव डालावास व दादरी निवास पर पहुंचे.

चंद्रावती का उनके पैतृक गांव डालावास में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान चिकित्सकों की टीम द्वारा पीपीई किट पहनकर और परिजनों को भी पीपीई किट पहनाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाई गई. पुलिस के जवानों ने उनको अंतिम सलामी दी.



क्षेत्र की पहली स्नातक और एलएलबी भी थीं चंद्रावती
बता दें कि चंद्रावती 3 सितंबर 1928 को दादरी जिला के गांव डालावास में हुआ था और उन्होंने संगरूर से स्नातक की थी, वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी. पहली सांसद रही चंद्रावती भिवानी-दादरी जिला ही नहीं, बल्कि आस-पास के एरिया में पहली स्नातक योग्यता वाली महिला होने का गौरव हासिल किए हुए थीं. इसके साथ ही वह पंजाब व हरियाणा बार में पहली महिला अधिवक्ता भी रही. वे 1977 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल को हराकर प्रदेश की पहली महिला सांसद बनी. चंद्रावती ने पेप्सू के समय पहला चुनाव बाढड़ा विधानसभा से 1954 में लड़ा था और जीत हासिल की थी.
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