बिजाई से वंचित बंजर जमीन के फिरेंगे दिन, विशेषज्ञों की टीम ने तलाशे समाधान

किसानों से राय लेते हुए अधिकारियों की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए संभावनाओं की तलाश की.

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: December 17, 2018, 6:25 PM IST
बिजाई से वंचित बंजर जमीन के फिरेंगे दिन, विशेषज्ञों की टीम ने तलाशे समाधान
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Pardeep Sahu
Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: December 17, 2018, 6:25 PM IST
चरखी दादरी जिले के दर्जनों गांवों में करीब तीन हजार एकड़ जमीन पर लगातार जलभराव के कारण सेमग्रस्त होते हुए बंजर हो चुकी है. जिसके कारण यहां के किसान भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. सेमग्रस्त व बंजर भूमि पर पिछले करीब 8-9 वर्षों से बिजाई नहीं होने के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

इस जमीन का समाधान करने के लिए मनीषा सांगवान फाऊंडेशन ने पहल करते हुए केंद्र सरकार की वाप्कोस कंपनी से संपर्क कर विशेषज्ञों की टीम से सर्वेक्षण करवाने का अनुरोध किया गया. जिला प्रशासन के सहयोग से केंद्र सरकार की वाप्कोस कंपनी के विशेषज्ञों की टीम ने जलभराव और सेमग्रस्त हो चुकी जमीन का सर्वे किया और उसके समाधान के लिए कई पहलुओं की तलाश की.

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प्रभावित जमीन का सर्वेक्षण करने के लिए केंद्र सरकार की वाप्कोस कंपनी के विशेषज्ञों की टीम व प्रशासनिक अधिकारी संस्था सोमवार को चेयरपर्सन मनीषा सांगवान के साथ गांव इमलोटा, मोरवाला, बिगोवा, भागवी और अचिना आदि गांवों मे सेमग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर जायजा लिया. टीम के विशेषज्ञ डॉ. पीकेएस मलिक और डॉ. चावला द्वारा जल संसाधान के लिए जमीन का सदुपयोग बारे किसानों से चर्चा की.

किसानों से राय लेते हुए अधिकारियों की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए संभावनाओं की तलाश की. जिसके बाद टीम द्वारा सबसे पहले इस क्षेत्र के खेतों में जमा पानी की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध करने के लिए स्थाई रूप से ड्रेन का निमार्ण करने की योजना तलाशी. सेमग्रस्त भूमि से पानी निकासी के बाद किसान यहां कौन सी फसल और कब कैसे ले सकते हैं.
First published: December 17, 2018, 6:23 PM IST
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