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कर्ज के बोझ से दबे किसान ने पेड़ पर फांसी लगाकर दी जान

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: February 5, 2019, 3:52 PM IST
कर्ज के बोझ से दबे किसान ने पेड़ पर फांसी लगाकर दी जान
किसान ने की आत्महत्या

आर्थिक तंगी झेल रहे एक किसान ने संदिग्ध हालातों में खेतों में पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी.

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चरखी दादरी के गांव बास रानीला में कर्ज के बोझ से दबे और आर्थिक तंगी झेल रहे एक किसान ने संदिग्ध हालातों में खेतों में पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी. बौंदकलां थाना पुलिस ने शव का दादरी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है. परिजनों के अनुसार खेती में आय नहीं होने के चलते किसान द्वारा आत्महत्या की गई है. वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

बता दें कि गांव बास रानीला निवासी 52 वर्षीय धनपत सिंह का शव खेतों में एक पेड़ से लटका देखा तो ग्रामीणों ने घटना की जानकारी बौंद कलां पुलिस को दी. पुलिस टीम और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया.

मृतक के परिजनों के अनुसार मृतक किसान 52 वर्षीय धनपत सिंह गांव में दूसरे लोगों की जमीन किराये पर लेकर काश्त करता था. पहले दो बेटों का एक्सीडेंट फिर बेटी की शादी के लिए कर्ज लेना पड़ा. लगातार कर्ज बढ़ता रहा और खेती से इनकम ना के बराबर हो रही थी, जिसको लेकर किसान धनपत सिंह लगातार परेशान रहता था और बीती रात खेत में जाकर पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.

परिजनों के अनुसार किसान धनपत सिंह कर्ज लिया पैसा वापस नहीं कर पाया जिसके कारण उसे मजबूर होकर सुसाइड करना पड़ा. वहीं पुलिस जांच अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक धनपत सिंह की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वह किराये पर खेत लेकर काश्त कर रहा था. लगातार खेती में घाटा होने के कारण आत्महत्या की गई है. फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

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First published: February 5, 2019, 3:39 PM IST
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