रेतीले इलाके में सेब उगाकर हरियाणा के इस किसान ने असंभव को किया संभव

बारहवीं तक पढ़े किसान धर्मेन्द्र अपनी मेहनत के बूते देश में कृषि व किसानों की हालत में सकारात्मक सुधार लाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं.

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: June 13, 2019, 11:20 AM IST
रेतीले इलाके में सेब उगाकर हरियाणा के इस किसान ने असंभव को किया संभव
किसान ने रेतीले इलाके में उगाए सेब
Pardeep Sahu
Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: June 13, 2019, 11:20 AM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को ऑर्गेनिक देश बनाने के सपने से प्ररेणा लेकर एक किसान हरियाणा के अंतिम छोर पर रेतीले टिब्बों में असंभव को संभव करते हुए सेब पैदा किया है. इतना ही नहीं किसान ने एक ऐसी ऑग्रेनिक दवाई भी तैयार की है, जो फल नहीं देने वाला फलदार पौधा फल पर प्रयोग करने से फल देना शरू कर देगा.

चरखी दादरी जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव कान्हड़ा निवासी धर्मेन्द्र श्योराण ने ऐसा कर दिखाया है, जो देशभर के किसानों के लिए प्रेरणादायक है. हालांकि किसान को सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली, फिर भी हौंसला रखते हुए आगे बढ़ता गया और रेगिस्तान में सेब के साथ बादमाम, अखरोड़, काजू, अंजीर सहित चंदन के पेड़ भी उगा दिए.



किसान धर्मेंद्र द्वारा तैयार की गई ऑर्गेनिक दवाई को लेकर कृषि विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि देश भर आईसीआर भी हैरान है. धर्मेंद्र का कहना है कि ऑर्गेनिक दवाई बारे उसके पास आईसीआर के वैज्ञानिकों के फोन भी आ चुके हैं. किसान धर्मेन्द्र की मेहनत व उपलब्धि से लगता है कि अब वह दिन दूर नहीं है जब हरियाणा में भी सेब, काजू, बादाम, केशर, अंजीर व पिस्ता की खेती होगी. किसान द्वारा लगाए सेब के पेड़ों पर इस गर्मी के मौसम में भी 7 सेब लगे हुए हैं. यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. पिछली साल उनके घर में सेब के कुल 14 पेड़ हैं, जिनमें से कुछ पेड़ अभी छोटे हैं. उनका कहना है कि अगले साल इन छोटे पेड़ों पर भी फल आएंगे.

12वीं तक पढ़ लिखे हैं धर्मेंद्र श्योराण

बारहवीं तक पढ़े किसान धर्मेन्द्र अपनी मेहनत के बूते देश में कृषि व किसानों की हालत में सकारात्मक सुधार लाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं. धर्मेन्द्र ने काजू, बादाम, केशर, व अंजीर जैसे पेड़ भी उन्होंने अपने घर पर लगा रखे हैं. धर्मेन्द्र कोशिश में हैं कि अगले साल इन पर फल आएं. किसान ने बताया कि मेहनत के बल पर हर तरह की तरह की फसल, फल या फूल आदि किसी भी क्षेत्र में पैदा किए जा सकते हैं.

प्रधानमंत्री और हिमाचल गर्वनर की तरफ से मिला है पत्र

धर्मेन्द्र ने हाल ही में अपने प्रयोग और उपलब्धि के बारे में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ आदि सहित विभागों को पत्र भी था. अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि वे देश के किसानों की खुशहाली के लिए अपने प्रयोग को जारी रखेंगे और किसानों की हर संभव मदद भी करेंगे. उन्होंने बताया कि उसके लिखे पत्र का जवाब सिर्फ प्रधानमंत्री आफिस और हिमाचल गर्वनर की तरफ से आया है. हिमाचल गर्वनर की चि_ी के बाद से ही उसके बाद बागवानी विभाग के अधिकारी पहुंचे हैं.
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जुबां पे आया दर्द, फिर भी नहीं कोई सिकवा

रेगिस्तान में सेब उगाने और दवाई इजाद करने वाले धर्मेंद्र का दर्द जुबां पर आया. किसान ने कहा कि हरियाणा के कृषि मंत्री से मिले और सरकार को पत्र भी लिखा है. ना तो कृषि मंत्री ने कोई संतोषजनक जवाब दिया और ना ही अब तक सरकार की तरफ से कोई मदद मिली है. फिर भी उसे किसी से भी कोई सिकवा नहीं है. वे प्रधानमंत्री के सपने को लेकर लगे हुए हैं. वे अपनी मकसद को हर हाल में पूरा करेंगे.

किसान की मेहनत को सरकार देगी सुविधा

बाढड़ा से भाजपा विधायक सुखविंद्र मांढी ने कहा कि किसान ने मेहनत कर असंभव को संभव किया है. जो अन्य किसानो के लिए भी प्रेरणादायक हैं. सरकार ऐसे किसानों को हर संभव मदद करेगी ताकि किसान खेती के विविधिकरण को अपनाकर नये आयाम स्थापित कर सकें.

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