मुआवजा वृद्धि पर अड़े किसान, कहा- मांगें पूरी होने पर ही करेंगे शव का अंतिम संस्कार
Charkhi-Dadri News in Hindi

मुआवजा वृद्धि पर अड़े किसान, कहा- मांगें पूरी होने पर ही करेंगे शव का अंतिम संस्कार
किसान के शव के साथ किसान रातभर से लघु सचिवालय परिसर में डटे हुए हैं

मुआवजा वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने में किसान की हुई मौत के तीन दिन बीत जाने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है.

  • Share this:
हरियाणा के चरखी दादरी में ग्रीन कॉरिडोर 152डी की अधिगृहित जमीन का मुआवजा वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने में किसान की हुई मौत के तीन दिन बीत जाने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है. दिनभर किसानों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई दौर की हुई वार्ता विफल होने पर किसानों शव को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे और वहां जमकर हंगामा काटा. किसान बीती रात भी लघु सचिवालय में धरने पर डटे रहे. प्रशासन की ओर से 5 लाख मुआवजा और डीसी रेट पर नौकरी दिए जाने के बाद भी किसान धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए. वहीं प्रशासन ने किसानों के अल्टीमेटम को देखते हुए चरखी दादरी स्थित लघु सचिवालय में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं. डीसी ने तीन ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त करने के साथ दो डीएसपी  व तीन जिलों की पुलिस यहां तैनात की है.

शहीद का दर्जा, मृत किसानों के आश्रितों को एक करोड़ मुआवजा व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर किसान डटे हुए हैं. अनेक गांवों से जुटे किसानों के साथ पंचायत खापों, सामाजिक व राजीनीतिक संगठनों ने भी समर्थन दिया. किसानों ने यह अल्टीमेटम दिया कि उनकी मांगें पूरी होने पर ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

विपक्ष ने लगाया सरकार पर अन्याय करने का आरोप



Farmers agitation-किसानों का प्रदर्शन
5 लाख मुआवजा व डीसी रेट पर नौकरी के आश्वासन दिए जाने के बाद भी किसान धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए.

मृत किसान के मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान सहित कई पार्टियों के नेताओं ने प्रदेश सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया. बीते शनिवार को सुबह गांव ढाणी फौगाट में धरने पर बैठे एक किसान रामावतार की मौत हो गई थी. इसके बाद मामला बढ़ता गया और किसानों ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया है. रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों की किसानों से कई दौर की वार्ता हुई लेकिन सहमति नहीं होने पर किसान शव को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे और डेरा डालते हुए बवाल काटा.

डीसी धर्मबीर सिंह से हुई वार्ता हुई विफल

किसानों की डीसी धर्मबीर सिंह से हुई वार्ता के बाद एक बार फिर निर्णय लिया कि शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. बल्कि शव को लघु सचिवालय में ही रखा जाएगा और सोमवार को प्रदेश भर में धरनारत किसान, खाप पंचायतें व सामाजिक संगठनों के सदस्य एकजुट होकर आगामी रणनीति बनाएंगे. किसान नेता रमेश दलाल व शमशेर फौगाट ने संयुक्त रूप से फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है. ऐसे में आर-पार की लड़ाई लड़ते हुए शव को लघु सचिवालय परिसर में ही रखते हुए रात-दिन का धरना दिया जाएगा.

सोमवार को आगामी रणनीति बनाई जाएगी

किसान नेताओं का कहना है कि सोमवार को आगामी रणनीति बनाई जाएगी. इसके लिए खापों व किसान संगठनों को दादरी में जुटने का आह्वान किया गया है. इस दौरान कांग्रेस सचिव अजीत फौगाट, जजपा प्रदेश महासचिव उमेद पातुवास, इनलो प्रवक्ता सुखवंत सिंह, राजू मान, संजीव मंदोला, दिलबाग नीमड़ी, खाप पदाधिकारी नरसिंह सांगवान, आप जिलाध्यक्ष रिंपी फौगाट, फौगाट खाप सचिव बलवंत सिंह सहित अनेक किसान व सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे.

यह भी पढ़ें: कावड़ लेने गया युवक नहीं लौटा घर, परिजन परेशान

हरियाणा की बेटी सोनम ने बुल्गारिया में लहराया तिरंगा, वर्ल्ड कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading