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चरखी दादरी: डीएपी खाद को लेकर किसान का गुस्सा फूटा, मंडी गेट पर लगाया ताला

चरखी दादरी: डीएपी खाद को लेकर किसान का गुस्सा फूटा, मंडी गेट पर लगाया ताला

अल सुबह से लाइनों में लगने के बाद भी नहीं मिल रहा डीएपी खाद

अल सुबह से लाइनों में लगने के बाद भी नहीं मिल रहा डीएपी खाद

Haryana Farmers News: किसानों ने कहा कि मजबूरी में बच्चों की स्कूल से छुट्टी करवाकर व महिलाओं को चूल्हा-चौका छुड़वाकर खाद के लिए लाइनों में लगाने को मजबूर हैं.

चरखी दादरी. डीएपी खाद की किल्लत झेल रहे किसानों (Farmers) का गुस्सा फूट पड़ा और पुरानी अनाजमंडी गेट पर ताला जड़ते हुए सरकार व अधिकारियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया. किसानों ने आरोप लगाया कि अल सुबह से लाइनों में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण फसल की बिजाई करने में देरी हो रही है. हालांकि बाद में कृषि विभाग (Agriculture Department) के एसडीओ ने किसानों को समझाकर गेट खुलवाया और उच्चाधिकारियों से बात करके खाद की किल्लत को दूर करने का आश्वासन दिया.

बता दें कि इस समय रबी फसल की बिजाई के लिए किसान खेतों में तैयारी कर रहे हैं. बिजाई के दौरान डीएपी खाद के लिए किसानों को अल सुबह से ही लाइनों में लगना पड़ रहा है. संबंधित विभाग द्वारा किसानों को एक आधार कार्ड पर दो बैग उपलब्ध करवाए जा रहे हैं. खाद की कमी के कारण किसानों को प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. जिसको लेकर किसानों ने रोष जताते हुए जनआंदोलन समिति के संयोजक नितिन जांघू की अगुवाई में पुरानी मंडी के दोनों गेटों पर ताला जडक़र रोष जताया.

किसानों ने कहा कि सोसायटी द्वारा अपने चहेेतों को बैक डोर से खाद दिया जा रहा है, जबकि किसान अल सुबह से लाइनों में लगते हैं और उनकी नंबर आने पर खाद समाप्त हो जाता है. खाद नहीं मिलने के कारण बिजाई में देरी हो रही है. किसानों ने कहा कि मजबूरी में बच्चों की स्कूल से छुट्टी करवाकर व महिलाओं को चूल्हा-चौका छुड़वाकर खाद के लिए लाइनों में लगाने को मजबूर हैं.

वहीं नितिन जांघू ने कहा कि सरकार अगर पर्याप्त मात्रा डीएपी खाद उपलब्ध करवाया होता तो आज किसानों की ऐसी हालत नहीं होती. अगर किसानों को खाद उपलब्ध नहीं होगा तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा. मौके पर पहुंचे कृषि अधिकारी डा. कृष्ण कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों से खाद की किल्लत दूर करने बारे बात की गई है. जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो जाएगा.

Tags: Haryana Farmers, Kisan

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