किसानों ने किया नैना चौटाला निवास का घेराव, दीवार पर चस्पा किया ज्ञापन, रखी ये मांग

किसान नेताओं ने भविष्य में बड़ा आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया.

किसान नेताओं ने भविष्य में बड़ा आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया.

संयुक्त किसान मोर्चा ने फौगाट, सांगवान, श्योराण खापों के साथ-साथ किसान और सामाजिक संगठनों ने दादरी स्थित विधायक नैना चौटाला के निवास का घेराव किया. किसानों ने उनके घर के बाहर ज्ञापन चस्पा किया. कहा कि अगर सरकार के खिलाफ अविश्विास प्रस्ताव का नैना चौटाला द्वारा समर्थन नहीं किया तो वे बड़ा फैसला लेंगे.

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प्रदीप साहू.

चरखी दादरी. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पंचायत खापें, किसान और सामाजिक संगठनों द्वारा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने की मांग को लेकर बाढड़ा से जजपा विधायक नैना चौटाला के निवास का घेराव किया. इस दौरान किसानों ने कहा कि अगर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग नहीं की तो बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा. किसानों के विरोध को देखते हुए नैना चौटाला के निवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. निवास पर विधायक नैना के चौटाला नहीं मिलने पर किसानों ने विरोध स्वरूप ज्ञापन उनके निवास के बाहर चस्पा कर दिया.

बता दें कि विधानसभा में कांग्रेस द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. इसी कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा फौगाट, सांगवान, श्योराण खापों के साथ-साथ किसान व सामाजिक संगठनों ने सरकार का विरोध करते हुए दादरी स्थित विधायक नैना चौटाला के निवास का घेराव किया. किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में उनकी लड़ाई जारी रहेगी. किसान व आमजन ने विधायक बनाया है, अगर सरकार के खिलाफ अविश्विास प्रस्ताव का नैना चौटाला द्वारा समर्थन नहीं किया तो वे बड़ा फैसला लेंगे.

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विधायक निवास पर नैना चौटाला नहीं मिलने पर किसानों ने उनके निवास पर ज्ञापन की प्रति चस्पा दी और भविष्य में बड़ा आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया. साथ ही कहा कि सरकार के नेताओं का गांवों में नहीं घुसने और सामाजिक बहिष्कार का फैसला जारी रहेगा. फौगाट खाप प्रधान बलवंत फौगाट ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बाढड़ा विधायक नैना चौटाला के निवास का घेराव किया गया है. अगर नैना चौटाला ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोटिंग नहीं की तो बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा. भविष्य में उनकी लड़ाई जारी रहेगी और आंदोलन को तेज किया जाएगा.
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