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बिजली निगम कर्मियों के पीएफ खातों में लाखों का गोलमाल!
Charkhi-Dadri News in Hindi

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: January 19, 2019, 10:30 PM IST
बिजली निगम कर्मियों के पीएफ खातों में लाखों का गोलमाल!
बिजली निगम, चरखी दादरी

प्राइवेट कंपनी द्वारा डीसी रेट पर लगाए कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की किश्तें तो काट ली गई, मगर उनके खाते में जमा नहीं कराए गए.

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हरियाणा के चरखी दादरी में बिजली निगम के संविदा कर्मचारियों के दस्तावेजों में धांधली कर लाखों रुपए की पीएफ राशि में गोलमाल करने का मामला सामने आया है. प्राइवेट कंपनी द्वारा डीसी रेट पर लगाए कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की किश्तें तो काट ली गई, मगर उनके खाते में जमा नहीं कराए गए. लेकिन कर्मचारियों को इस बात की भनक तक नहीं लगी.

हैरत की बात यह कि यह सिलसिला पिछले कई साल से चल रहा था. निगम के संविदा कर्मचारियों ने ईपीएफ कार्यालय में जाकर जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि जांच के लिए टीम बनाई है. टीम एक सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करेगी. जिसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बिजली निगम के चरखी दादरी डिविजन के तहत आने वाले पांच सब डिविजनों में वर्ष 2012 से अब तक करीब 303 कर्मचारियों को प्राइवेट कंपनी के माध्यम से डीसी रेट पर नियुक्त किया गया था. निगम के संविदा कर्मचारियों को हर महीने जो वेतन दिया जाता है, उसमें से पीएफ के रूप में एक किश्त कर्मचारी के बेतन से हर महीने काटी जाती है जो पीएफ खाते में जमा होती है. लेकिन उस राशि पिछले कई साल से निगम कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट में जमा नहीं करवा रहा है. संविदा कर्मचारियों ने यूनियन के माध्यम से उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है.

निगम के ही एक अफसर ने बताया कि पीएफ न कटने की वजह से कर्मचारियों को दोहरी मार पड़ रही है. एक तो उनके पीएफ खातों में समय पर पीएफ जमा नहीं हो रहा और दूसरा इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं. उनका कहना है कि निगम द्वारा सिरसा की एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया था. कंपनी द्वारा डीसी रेट पर दादरी डिविजन में 303 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी.

कहां खर्च हुई ये राशि
पीएफ की जो राशि बिजली निगम द्वारा कंपनी के माध्यम से कर्मचारियों को अंधेरे में रखकर उनके वेतन से काटी गई, वो राशि कहां खर्च हुई? इस बारे में बताने से निगम अफसर भी कन्नी काट रहे हैं. निगम अफसरों का सिर्फ इतना कहना है कि निगम द्वारा पीएफ राशि चालान के माध्यम से जारी कर दी गई है. लेकिन कंपनी या विभाग द्वारा कहां खामियां मिली हैं, इसके लिए जांच की जा रही है.

कर्मचारियों की जन्मतिथि बदलकर किया गोलमालनिगम के यूनियन पदाधिकारी व जेई ओमबीर कालेहर ने बताया कि कंपनी द्वारा निगम अधिकारियों से मिलीभगत करते हुए कर्मचारियों के आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को बदलकर पीएफ राशि किसी दूसरे के नाम से जारी की गई है. इस तरह के सभी कच्चे कर्मचारियों की लाखों रुपए की राशि का घोटाला हुआ है. हालांकि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर जांच की मांग कर चुके हैं. इस पूरे मामले की विजीलेंस से जांच की जाए तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है.

जांच टीम बनाई, एक सप्ताह में रिपोर्ट मिलेगी : एक्सईएन
बिजली निगम के एक्सईएन ओमबीर सिंह ने बताया कि संविदा कर्मचारियों के पीएफ राशि में गड़बड़ी की जानकारी मिली है. इस संबंध में उन्होंने टीम का गठन किया है. टीम पीएफ कार्यालय में जाकर जांच कर रही है. उनको एक सप्ताह में रिपोर्ट मिल जाएगी. रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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First published: January 19, 2019, 1:47 PM IST
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