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पंजाब में स्कूल वैन हादसे के बाद जागी हरियाणा पुलिस, स्कूल वाहनों की चेकिंग कर जांची सुविधाएं
Charkhi-Dadri News in Hindi

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: February 18, 2020, 12:24 PM IST
पंजाब में स्कूल वैन हादसे के बाद जागी हरियाणा पुलिस, स्कूल वाहनों की चेकिंग कर जांची सुविधाएं
पुलिस ने की स्कूली वाहनों की जांच

दादरी जिले में निजी स्कूलों (Private Schools) द्वारा स्कूल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी (Transport Policy) की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. ट्रांसपोर्ट सुविधा के नाम पर शहर के कई निजी स्कूलों ने मैक्सी कैब और ऑटो हायर कर रखे हैं जिनमें नियमों के विरुद्घ बच्चों को बैठाया जाता है.

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चरखी दादरी. स्कूल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी (School Transport Policy) की स्कूल वाहनों द्वारा किस कदर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, यह नजारा चरखी दादरी (Charkhi Dadri) में भी देखने को मिल सकता है. एक वैन में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर स्कूल ले जाया जा रहा है. एक सीट पर तीन-तीन बच्चों को बैठाया जाता है. इसके अलावा कई ऑटो और कैब तो कंडम हैं और इनमें भी बच्चों को घर से स्कूल तक का सफर कराया जा रहा है. इस तरफ न तो आरटीए विभाग ध्यान दे रहा है और न ही ट्रैफिक पुलिस.

हालांकि पंजाब के लोंगवाल में हुए स्कूली वाहन हादसे में चार बच्चों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन सर्तक हो गया है. ट्रैफिक पुलिस ने अभियान चलाकर स्कूल वाहनों में सुविधाएं जांची और चालकों को निर्देश व चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया. बता दें कि दादरी जिले में निजी स्कूलों द्वारा स्कूल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. ट्रांसपोर्ट सुविधा के नाम पर शहर के कई निजी स्कूलों ने मैक्सी कैब और ऑटो हायर कर रखे हैं जिनमें नियमों के विरुद्ध बच्चों को बैठाया जाता है.

स्कूलों द्वारा हायर किए गए वाहनों पर न तो रंग पीला है और न ही चालक वर्दी में होते हैं. गत दिनों लोंगवाल में हुए स्कूली वाहन हादसे में चार बच्चों की मौत हो गई थी. इससे पहले भी नियमों को ताक पर रखने से कई स्कूली वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं जिनमें कई बच्चों को जान से हाथ धोना पड़ा. स्कूलों द्वारा हायर किए वाहनों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले स्थिति सामने आई.

कार की पहली सीट पर बैठे दो छात्र




ऑटो में 18 से 20 बच्चे सवार मिले और कई बच्चों के शरीर का हिस्सा भी ऑटो से बाहर आया हुआ मिला. सड़कों पर सुबह और दोपहर के समय नियमों को ताक पर रखकर ऑटो और मैक्सी कैब दौड़ रही हैं लेकिन नियमित कार्रवाई नहीं हो पा रही. हालांकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्कूली वाहनों की चेकिंग की गई. इस दौरान कुछ वाहनों में सीसीटीवी नहीं लगे मिले तो किसी मैक्सी कैब की अगली सीट पर तीन बच्चे बैठे मिले. वहीं, ऑटो में 18 से 20 बच्चे तक बैठे मिले.

स्कूल वाहनों में ये होना जरूरी

नियमों की अगर बात करें तो जिस वाहन में स्कूली बच्चे सवार होते हैं उनमें महिला सहायक का होना अनिवार्य है और प्रत्येक वाहन में सीसीटीवी होना जरूरी है. निजी स्कूलों द्वारा हायर किया गया कोई प्राइवेट वाहन इन नियमों को पूरा नहीं करता. प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.

ट्रैफिक पुलिस ने जांची सुविधाएं

ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज राजबीर सिंह ने अपनी टीम के साथ निजी स्कूल वाहनों की चैकिंग की. इस दौरान वाहनों में सुविधाओं की चैकिंग करते हुए चालकों को स्कूल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बारे निर्देश दिए. इस दौरान कई वाहनों के चालान भी किए गए.

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First published: February 18, 2020, 12:24 PM IST
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