हरियाणा का आशीष डागर बनेगा IAS, यूपीएससी नतीजों में पाया 398वां रैंक
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हरियाणा का आशीष डागर बनेगा IAS, यूपीएससी नतीजों में पाया 398वां रैंक
चरखी दादरी के रहने वाले हैं आशीष डागर

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चरखी दादरी. जिले के गांव मिसरी में जैसे ही मंगलवार को यह खबर पहुंची की उनके बेटे आशीष डागर (Aashish Dagar) यूपीएससी एग्जाम में 398वां रैंक हासिल किया है तो जश्न का माहौल बन गया. आशीष ने पिछले वर्ष भी यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में 536वां रैंक हांसिल किया था. फिलहाल आशीष आईआरएस के पद पर दिल्ली में कस्टम अधिकारी के पद पर कार्यरत है. परिवार के सभी सदस्य घर में एकत्रित हुए व एक दूसरे को बधाई देते हुए खुशियां मनाई. आशीष के घर में बधाई देने वालों का तांता जारी है.

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा मंगलवार को जारी रिजल्ट में दादरी के गांव मिसरी निवासी आशीष डागर ने शानदार सफलता हासिल की है. आशीष ने 398वां रैंक हासिल की है. हालांकि आशीष ने पिछले वर्ष भी यूपीएससी की परीक्षा पास की थी और 546वां रैंक हासिल कर आईआरएस बने. फिलहाल आशीष दिल्ली में कस्टम अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. आशीष ने इस बार आईएएस बनने के लिए दोबारा यूपीएससी की परीक्षा दी और 398वां रैंक प्राप्त किया.

जिले में खुशी का माहौल



आशीष की इस सफलता से उसके परिवार, गांव व दादरी जिले में खुशी का माहौल है. गांव मिसरी के एक सामान्य परिवार में जन्मे आशीष ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव से प्राप्त की. दसवीं व बारहवीं कक्षा भी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों से पास की. इसके बाद अपने फौजी पिता के साथ बाहर चले गए और इंजीनियरंग की डिग्री कानपुर के आईआईटी से प्राप्त की इंजीनियरिंग की परीक्षा पास करने के तुरंत बाद ही आशीष ने यूपीएससी के लिए तैयारियां शुरू कर दी.
पिता फौज से हो चुके हैं रिटायर

आशीष के पिता फौज से रिटायर हो चुके हैं और गांव में खेती-बाड़ी कर रहे हैं. पिता जगदीश प्रसाद ने बताया कि आशीष को बचपन से ही देश का जज्बा और सिविल सर्विस में जाना चाहता था. आशीष की कड़ी मेहनत का फल है कि दूसरी बाद यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईएएस बनेगा. इस मेहनत का उसे ही नहीं बल्कि गांव, जिला व प्रदेश को खुशी है.

पहले भी पास कर चुके हैं परीक्षा

हालांकि आशीष इस समय दिल्ली में है. आशीष ने फोन पर बताया कि उसने कड़ी मेहनत से तैयारी की जिसके परिणामस्वरूप यूपीएससी के परिणाम में उसे 398वीं रैंक के साथ सफलता मिली है. पिछले वर्ष यूपीएससी में 536वां रैंक मिला था और आईआरएस नियुक्त हुआ. आईएएस बनने की चाह में फिर से नौकरी के साथ-साथ कड़ी मेहनत करते हुए दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा दी. इस बार 398वां रैंक मिला है. उसे पूरी उम्मीद है कि इस बार वह आईएएस बनेगा.
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