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हरियाणा में बेटियों को सम्मान: घरों के बाहर लगी ‘लाडलियों’ के नाम की नेमप्लेट

ये अनोखी पहल कॉलोनी के पार्षद विनोद बाल्मीकि ने अपनी बेटी की नेम प्लेट लगवाकर शुरू की

ये अनोखी पहल कॉलोनी के पार्षद विनोद बाल्मीकि ने अपनी बेटी की नेम प्लेट लगवाकर शुरू की

Charkhi Dadri News: हरियाणा के चरखी दादरी में बाल्मिकी नगर कॉलोनी के पार्षद की अनोखी पहल. बेटियों के नाम से कॉलोनी की पहचान कायम करने की है मुहिम ‘मेरी बेटी, मेरी पहचान’शुरू. घर-घर के बाहर लग रही है लाडलियों की नेमप्लेट.

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चरखी दादरी. जिले के बाल्मीकि नगर में एक नई पहचान की आवाज उठते हुए दिख रही है. इस कॉलोनी में अगर आप किसी व्यक्ति से किसी का भी पता पूछेंगे तो लोग उसकी बेटी का नाम बता कर उसका घर दिखाएंगे. यह अनोखी पहल कॉलोनी के पार्षद विनोद बाल्मीकि ने अपनी बेटी की नेमप्लेट लगवाकर शुरू की है. नगर पार्षद का मानना है कि वाल्मीकि नगर की पहचान यहां की बेटियां बने, यह उनका ध्येय है. क्योंकि जिलेभर में उनकी कॉलोनी में 1000 लड़क़ों पर 1000 लड़कियां हैं. अब कॉलोनी में लड़कियों को सम्मान देने के लिए सीटीएम अमित मान द्वारा जिला प्रशासन की ओर से इस तरह की पहल शुरू की है.

दरअसल महिलाओं की स्थिति को संवारने को लेकर जहां एक ओर देश में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान चल रहा है. वहीं इस कॉलोनी में ‘मेरी बेटी, मेरी पहचान’ नाम का एक खास अभियान शुरू किया गया है. इसलिए अगर आप इस कालोनी में जाते हैं, तो मकानों पर लगी हुई नेम प्लेट पर पूजा, चांदनी, प्रिया, नेहा, पायल और ऐसी ही कई लड़कियों के नाम की नेम प्लेट होंगी. नेम प्लेट पर लड़कियों का नाम ही नहीं, बल्कि उनकी मां का नाम भी लिखा जाएगा.  सीटीएम अमित मान ने महिला एवं बाल विकास विभाग व रेडक्रास की संयुक्त टीम द्वारा बेटियों की कॉलोनी के नाम से नेम प्लेट लगाकर अभियान का शुभारंभ किया. महिला पखवाड़ा के दौरान कॉलोनी में बेटियों के घरों पर नेम प्लेट लगाई जाएंगी.

बेटियों के नाम से होगी कॉलोनी की पहचान


नगर पार्षद विनोद वाल्मीकि के अनुसार वाल्मीकि नगर अब बेटियों की कॉलोनी के नाम से जाना जाएगा. जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जिलेभर में उनकी कालोनी की बेटियों के नाम से पहचान होगी. उन्होंने कहा कि वह इस मुहिम को हर घर तक लेकर जाएंगे और उनका पूरा प्रयास होगा कि पहले चरण में कॉलोनी के हर घर के बाहर उनकी बेटी के नाम से नेम प्लेट लगाई जाए. वहीं महिला मायापती बोली कि उनके नाम से पहचान होना समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर सम्मान मिलना है.

जागरूकता अभियान की हिमायत


बेटियों को सम्मान देने की पहल सीटीएम अमित मान के अनुसार महिला पखवाड़ा के दौरान वाल्मीकि नगर को बेटियों के नाम से पहचान बनाने के लिए अभियान की शुरूआत की है. बेटियों को सम्मान देने के लिए घरों पर बेटियों की नेम प्लेट लगेंगी तो अलग पहचान बनेगी. उन्होंने बताया कि एक से ज्यादा बेटी होने पर बड़ी बेटी का नाम नेम प्लेट पर लिखा जाएगा. हर घर के मुखिया एवं सदस्य को समझायेंगे कि नारी का सम्मान ही घर की असली शोभा है. इसलिए आप सब अपने घरों के दरवाजों पर अपनी नेम प्लेट की बजाय अपनी बेटी के नाम पर नेम प्लेट लगाएं
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