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चरखी दादरी जिले में 94 डॉक्टरों की दरकार पर सिर्फ 32 से चलाया जा रहा है काम
Charkhi-Dadri News in Hindi

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: January 28, 2020, 5:28 PM IST
चरखी दादरी जिले में 94 डॉक्टरों की दरकार पर सिर्फ 32 से चलाया जा रहा है काम
सिविल अस्पताल में 42 चिकित्सकों की पोस्ट हैं, लेकिन वहां 4 चिकित्सक ही तैनात हैं.

चरखी दादरी जिले को 94 चिकित्सकों (Ninety Four Doctors) की जरूरत है लेकिन इस समय महज 32 ही नियुक्त हैं. सबसे बुरा हाल जिला सिविल अस्पताल का है, जहां 42 चिकित्सकों की पोस्ट हैं, लेकिन महज 4 चिकित्सक ही हैं.

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चरखी दादरी. स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में चरखी दादरी जिला (Charkhi Dadri District) अभी भी बहुत पीछे है. प्रदेश के 22वें जिले चरखी दादरी में सरकार अब तक चिकित्सकों का टोटा (Lack of Doctors) दूर नहीं कर पाई है. हालांकि, प्रदेश के अन्य जिलों में भी चिकित्सकों की कमी है, लेकिन चरखी दादरी का हाल और भी बुरा है. नियमानुसार जिले को 94 चिकित्सकों (Ninety Four Doctors) की जरूरत है लेकिन इस समय महज 32 ही नियुक्त हैं. सबसे बुरा हाल जिला सिविल अस्पताल का है, जहां 42 चिकित्सकों की पोस्ट हैं, लेकिन महज 4 चिकित्सक ही हैं. सर्जन से लेकर कई स्पेशलिस्ट तक के पद खाली होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगा उपचार लेना पड़ रहा है. विभागीय अधिकारियों ने चिकित्सकों की तैनाती की डिमांड कई दफे भेजी है, लेकिन अब तक सरकार ने जिले में चिकित्सकों की तैनाती नहीं की है.

जिले में छह एसएमओ व 53 डेंटल सर्जन के पद खाली

जिले में छह एसएमओ व 53 डेंटल सर्जन के पद तक खाली पड़े हुए हैं. सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों की कमी के चलते फार्मासिस्ट या डेंटल सर्जन से ही काम चलाया जा रहा है. ज्यादातर मरीजों को सीएचसी या पीएचसी से पहले सिविल अस्पताल और फिर वहां से पीजीआई रोहतक या भिवानी जीएच रेफर कर दिया जाता है.

सिविल अस्पताल में 42 डॉक्टरों की पोस्ट हैं, सिर्फ 7 चिकित्सक ही मौजूद 

जिले के 100 बेड के सिविल अस्पताल में चिकित्सकों का टोटा होने का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है. सिविल अस्पताल में 42 डॉक्टरों की पोस्ट हैं, लेकिन यहां अब सिर्फ 7 चिकित्सक ही मौजूद हैं, जिनमें से तीन चिकित्सक अनुपस्थित चल रहे हैं. सरकार द्वारा तीन चिकित्सकों के तबादले दूसरे जिलों में करने के बाद तो यहां स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है.

पीएचसी व सीएचसी में भी नहीं हैं मेडिकल ऑफिसर

जिला स्वास्थ्य विभाग के अधीन तीन सीएचसी और 14 पीएचसी हैं. इन सभी जगहों में चिकित्सकों की कमी है. कादमा, गोपी, रानीला, मानकावास व माई खुर्द पीएचसी पर तो स्थाई चिकित्सक ही नहीं है. वहीं अधिकांश सीएचसी व पीएचसी में चिकित्सकों की कमी के चलते डेंटल सर्जन या फार्मासिस्ट से काम चलाया जा रहा है.ईएनटी, आई, स्कीन, ऑर्थो, सर्जन व बालरोग के डॉक्टर के पद खाली

चरखी दादरी सिविल अस्पताल को 50 की बजाय 100 बेड का किया जा चुका है, लेकिन इसके मुताबिक चिकित्सकों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है. नियमानुसार सिविल अस्पताल में 42 चिकित्सकों और तीन एसएमओ की तैनाती होनी चाहिए लेकिन इस समय चार चिकित्सक और एक एसएमओ ही नियुक्त है. 35 चिकित्सकों के और दो पद एसएमओ के खाली पड़े हैं. इसके अलावा ईएनटी, आई, स्कीन, ऑर्थो, सर्जन व बालरोग के डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है.

सरकार को भेज चुके हैं डिमांड

सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव ने बताया कि चिकित्सकों की डिमांड सरकार तक भेज चुके हैं, लेकिन अभी नियुक्तियां नहीं हुई हैं. जिले में जितने चिकित्सक हैं, उनकी सेवाएं मरीजों को नियमित मिल रही हैं. जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी और फिर पीएचसी और सीएचसी भी चिकित्सकों की कमी को हम दूर कर देंगे.

जल्द होगी नियुक्तियां: सोमबीर सांगवान, विधायक

दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि यहां के सामान्य सरकारी अस्पताल के अलावा जिलेभर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की नियुक्तियों को लेकर वे शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मिलेंगे. अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.

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First published: January 28, 2020, 5:28 PM IST
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