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बदमाशों की गोली खाने के बाद हरियाणा पुलिस के जयवीर की गई नौकरी, बेटे ने छोड़ी जॉब अब लेना पड़ रहा कर्ज

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: November 19, 2019, 5:04 PM IST
बदमाशों की गोली खाने के बाद हरियाणा पुलिस के जयवीर की गई नौकरी, बेटे ने छोड़ी जॉब अब लेना पड़ रहा कर्ज
जयवीर को चार माह पहले गुरूग्राम में बदमाशों ने गोली मार दी थी.

दादरी शहर के हरियाणा पुलिस (Haryana Police) का घायल एसपीओ जयवीर सिंह (SPO Jaiveer Singh) के परिजनों को सरकारी सुविधा की दरकार है. चार माह पूर्व गुरूग्राम में बदमाशों से मुकाबला करते हुए गोली (Fired Bullet) लगने के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे जयवीर की मदद के लिए अभी तक सरकार आगे नहीं आई है.

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चरखी दादरी. दादरी शहर के प्रेम नगर निवासी हरियाणा पुलिस (Haryana Police) का घायल एसपीओ जयवीर सिंह (SPO Jaiveer Singh) के परिजनों को सरकारी सुविधा (Government Fascilities) की दरकार है. चार माह पूर्व गुरूग्राम में बदमाशों से मुकाबला करते हुए गोली लगने के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे जयवीर की मदद के लिए अभी तक सरकार आगे नहीं आई है. सुविधा नहीं मिलने और आर्थिक पृष्ठभूमि कमजोर होने के चलते जयवीर सिंह के इलाज के लिए बेटे को कर्ज लेना पड़ रहा है. घायल एसपीओ की बहादुरी अब परिजनों के लिए लाचारी बन गई है. परिजनों को एक ओर जहां जयवीर के इलाज की चिंता सता रही है, वहीं सरकार से आर्थिक सहयोग की मांग की है.

हर महीने 18 हजार रूपये मिलता है पेंशन

दादरी शहर के प्रेम नगर निवासी एसपीओ जयवीर सिंह गत 28 जुलाई को गुरूग्राम में बदमाशों से मुकाबला करते हुए गोली लगने के बाद से जिंदगी की जंग लड़ रहा है. जयवीर की जीवनभर की कमाई उपचार में ही खर्च हो चुकी है. आर्थिक स्थिति कमेजार होने के कारण बेटा दीप कुमार ने जहां कर्ज उठाकर पिता का इलाज करवा रहा है. जयवीर सिंह को 18 हजार रुपये प्रति महीना पेंशन मिलता है.

सरकार की ओर से नहीं मिल रही कोई सहायता

इस पूरे मामले में परिजनों का दर्द छलक उठा है. बेटे दीप कुमार ने कहा कि उनके घायल पिता को ना ही सरकार से कोई मदद मिली है और न ही पुलिस विभाग से. हालांकि, कुछ पुलिस कर्मचारियों ने एक बार पैसे एकत्रित करके जयवीर के इलाज में सहयोग जरूर किया था. मगर इलाज के लिए लगातार हो खर्च के कारण परिजनों को सरकारी सुविधा की दरकार है.

हेल्थ मंत्री को पत्र लिखकर मांगा सहयोग

घायल एसपीओ जयवीर के बेटे दीप कुमार ने हेल्थ मंत्री अनिल विज (Anil Vij) को पत्र लिखकर आर्थिक सहयोग की मांग की है. दीप कुमार ने बताया कि उनके पिता चार माह से अस्पताल में हैं और उनके इलात पर लगातार खर्च हो रहा है. हालांकि पिता  को कुछ पेंशन मिलती है. उन्होंने बताया कि इलाज में अब तक करीब 5 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं. उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मंत्री को पत्र लिखकर सहयोग की मांग की है.
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बहादुरी का सम्मान तो दूर हालचाल भी नहीं पूछा

घायल एसपीओ के बेटे ने बताया कि उनके पिता को बहादुरी के लिए सरकार या विभाग की ओर से कोई सम्मान की भी घोषणा नहीं की गई है. पिता की बहादुरी के लिए सम्मान देना तो दूर, अस्पताल में हालचाल पूछने तक कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा है. पुलिस विभाग के सिस्टम से हारकर अपने स्तर पर कर्ज लेकर इलाज करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

 इलाज और सेवा के लिए बेटे को छोड़नी पड़ी नौकरी

घायल एसपीओ के बेटे दीप के अनुसार वह निजी कंपनी में नौकरी करता था. पिता को गोली लगने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी और पिता का मेदांता अस्पताल में इलाज करवाया. गोली लगने के चलते पिता की भी नौकरी चली गई. अब वह कर्ज लेकर पिता का इलाज करवा रहा है. बेटे ने बताया कि आॅपरेशन करवाने के लिए उनके पास पैसे भी नहीं है. अगर सरकार से कुछ सहायता मिल जाए तो वह पिता का आॅपरेशन करवा पाएगा.

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First published: November 19, 2019, 4:58 PM IST
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