लाइव टीवी

चरखी दादरी : रखरखाव के अभाव में असमय काल का ग्रास बन रहे गोवंश
Charkhi-Dadri News in Hindi

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: November 24, 2018, 10:20 PM IST
चरखी दादरी : रखरखाव के अभाव में असमय काल का ग्रास बन रहे गोवंश
चरखी दादरी: रखरखाव के अभाव में असमय कालग्रास हो रहे गोवंश

चरखी दादरी जिले में प्रशासन द्वारा मार्केट कमेटी के पुराने कार्यालय में नंदीशाला स्थापित की गई है, लेकिन यहां रखरखाव के अभाव में आए दिन गोवंश असमय काल के गाल में समा रहे हैं.

  • Share this:
हरियाणा के चरखी दादरी जिले में प्रशासन द्वारा मार्केट कमेटी के पुराने कार्यालय में नंदीशाला स्थापित की गई है, लेकिन यहां रखरखाव के अभाव में आए दिन गोवंश असमय काल के गाल में समा रहे हैं. बता दें कि नंदीशाला में अब तक दर्जनों की संख्या में मवेशियों की मौत हो चुकी है. इनमें कुछ बीमारी के कारण मरे, तो कुछ आपस में लड़कर मर गए. नगर परिषद के मुताबिक इन पशुओं की देखरेख के लिए विशेष कमेटी निगरानी रख रही है और कर्मचारियों की ड्यूटियां भी निर्धारित की गई है. बावजूद इसके आलम यह है कि गोवंश शहर की सड़कों पर आवारा घूमते देखे जाते हैं.

चरखी दादरी में गोवंश की बढ़ती संख्या को देखते हुए करीब एक वर्ष पूर्व जिला प्रशासन ने अस्थायी रूप से नंदीशाला बनाकर मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और चारा उपलब्ध करवाया था. वहीं अब यहां की हालत बदहाल है. बीमारी, भूख और प्यास के कारण दम तोड़ते गोवंश ने नंदीशाला के प्रबंधों की पोल खोल दी है. अगर यहां के स्थानीय निवासियों की मानें तो एक वर्ष के दौरान नंदीशाला में आधे से ज्यादा गोवंश गायब हैं, जिनमें अधिकांश की मौत हो चुकी है.

वहीं जिला प्रशासन द्वारा जिले के गांव अटेला और कलियाणा में एक वर्ष पूर्व शुरू की गई कई नंदीशालाएं बंद हो चुकी हैं. यहां के कर्मचारियों ने बताया कि मरने वाले पशुओं में अधिकतर बीमार थे, जिन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उनकी मौत हो गई.

गौसेवकों में रोष



गौसेवक रिंपी फौगाट और नगर पार्षद दिनेश जांगड़ा का कहना है कि जिले में एकमात्र दादरी शहर में स्थित नंदीशाला में प्रशासन द्वारा लगातार कोशिश करने के बावजूद सही ढंग से संरक्षण नहीं हो पाया है. इस चलते ये बेजुबान मवेशी आए दिन मौत के मुंह में जा रहे हैं. हालांकि नंदीशाला में प्रशासन की तरफ से पशु चिकित्सक की व्यवस्था भी की गई है, लेकिन ये सारे प्रबंध भी पशुओं की जान बचाने में नाकाफी हैं.

 

वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी विजयपाल यादव ने बताया कि प्रशासन के आदेशों पर शहर में अस्थाई रूप से नंदीशाला बनाई गई थी, लेकिन बीमारी के कारण कुछ गोवंश की मौत हो गई. अब विभाग द्वारा जहां विशेष कमेटी बनाई गई है, वहीं कर्मचारियों की ड्यूटियां भी लगाई गई है. कर्मचारियों की टीम शहर भर में गोवंश को पकड़कर नंदीशाला में आश्रय दे रहे हैं. प्रशासन द्वारा इन पशुओं के लिए टीन शेड और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी की गई, लेकिन दीवार टूटने से बड़ी संख्या में मवेशी नंदीशाला से भाग निकले.

 

ये भी पढ़ें:- जल्द ही ‘तीसरी आंख’ की निगरानी में होगा दादरी शहर

ये भी पढ़ें:- ग्रामीण 22 वर्ष से इंतजार कर रहे हैं वाटर टैंक में पानी आने का, पेयजल की भारी समस्या

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चरखी दादरी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 24, 2018, 7:38 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर