हरियाणा: शहीद के परिवार को न मिली आर्थिक सहायता, न नौकरी, 8 माह से काट रहे सरकारी दफ्तरों के चक्कर

गांव बास रानीला निवासी भूपेंद्र चौहान पिछले वर्ष बॉर्डर पर हुए थे शहीद

Charkhi Dadri News: कृषि मंत्री व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने शहीद के घर पहुंचकर की थी सरकारी घोषणा. परिवार ने पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान से की मुलाकात, लगाई गुहार.

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चरखी दादरी. देश की सीमा पर रक्षा करते हुए शहीद होने वाले परिवार को सरकार की घोषणा के अनुरूप आर्थिक सहायता, परिवार सदस्य को सरकारी नौकरी के अलावा गांव में शहीद स्मारक निर्माण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है. करीब आठ माह से शहीद परिवार (Martyr Family) को सरकार की घोषणा का कोई लाभ नहीं मिल पाया (Did not get any benefit of Government Announcement) है. परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

बता दें कि सितंबर 2020 में जिला के गांव बास (रानीला) निवासी 23 वर्षीय भूपेंद्र चौहान देश की सीमा पर लड़ते हुए शहीद हो गए थे. उस समय कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने शहीद के घर पहुंचकर परिवार को सरकार की घोषणा के अनुरूप 30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार सदस्य को सरकारी नौकरी व गांव में शहीद स्मारक बनवाने की घोषणा की थी. सरकार की घोषणा को आठ माह गुजर गए हैं लेकिन उनको सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है.

शहीद परिवार के सदस्य पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान से मिले

शहीद परिवार के सदस्य पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान से मिले और सरकार की घोषणा अनुरूप योजनाओं का लाभ दिलवाने की मांग की. शहीद भूपेंद्र चौहान के पिता मलखान सिंह ने पूर्व मंत्री को बताया कि वे लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. सांगवान ने इस संबंध में कृषि मंत्री जेपी दलाल से बात करके लाभ दिलवाने का आश्वासन दिया.

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