हरियाणा: 1 अक्टूबर से शुरू होगी बाजरे की खरीद, किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए खरीद केंद्र

बाजरे की खरीद होगी शुरू
बाजरे की खरीद होगी शुरू

अवैध तरीके से फसल (Crop) बेचने वालों पर प्रशासन (Administration) पूरी निगरानी रखेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 7:29 AM IST
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चरखी दादरी. कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में निर्धारित नियमों की पालना करते हुए आगामी एक अक्टूबर से जिला में बाजरा खरीद प्रक्रिया शुरू होगी. जिला में किसानों (Farmers) की सुविधा के लिए खरीद केंद्र बना दिए गए हैं. उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा ने अपने कैंप कार्यालय में बाजरा खरीद प्रक्रिया के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षात्मक बैठक (Meeting) ली. इस दौरान उपायुक्त ने खरीद एजेंसी सहित नोडल एजेंसी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. लेकिन अनाजमंडी में पांच शैडों के नीचे भरी पड़ी सरसों, उठान नहीं होने के कारण बाजरे के लिए बोली लगाने के लिए जगह नहीं बची है.

उपायुक्त ने बताया कि सरकार की ओर से मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किए गए पंजीकरण, पटवारियों द्वारा की गई ई-गिरदावरी तथा हरसेक से हुई सैटेलाइट गिरदावरी की रिपोर्ट के तहत वेरिफिकेशन करवाया गया है. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध तरीके से फसल बेचने वालों पर प्रशासन पूरी निगरानी रखेगा और यदि कोई व्यक्ति किसी भी रूप से निर्धारित मापदंडों से हटकर फसल बेचने की कोशिश करता है तो जांच के आधार पर उस पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

किसानों को केंद्रों पर सूचना देकर बुलाया जाएगा 



पंजीकृत किसानों को प्रशासन की ओर से निर्धारित शेड्यूल अनुसार ही उनकी फसल बेचने के लिए खरीद केंद्रों पर सूचना देकर बुलाया जाएगा तथा एसएमएस के माध्यम से भी उन्हें अवगत कराया जाएगा ताकि खरीद केंद्रों पर कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में निर्धारित एसओपी की अनुपालना की जा सके.
ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी का भी गठन किया जा रहा

खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन की ओर से ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी का भी गठन किया जा रहा है. उपायुक्त ने खरीद एजेंसी हैफेड व हरियाणा वेयर हाऊस कारपोरेशन के अधिकारियों को नियमित लिफिंटग सुनिश्चित करने के आदेश दिए. मंडी आढति पदाधिकारी विनोद गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा 1 अक्टूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करने जा रही है. लेकिन मंडी में बनी पांच शैडो के नीचे पहले की सरकार द्वारा खरीदी गई सरसों भरी पड़ी है जो अभी खाली नहीं हुई हैं.
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