आरटीए कर्मचारी चालानों में कटिंग कर लगाते थे सरकारी खजाने में सेंध
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आरटीए कर्मचारी चालानों में कटिंग कर लगाते थे सरकारी खजाने में सेंध
चालानों में कटिंग कर लगाते थे चपत

पुलिस सूत्रों की मानें तो आरटीए कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों के कहने पर ओवरलोडिंग वाहनों के काटे गए चालानों में कटिंग करके बड़ा खेल खेल गया.

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चरखी दादरी सहित प्रदेश के कई जिलों में ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली करने का जाल फैला हुआ था. पिछले दो वर्षों के दौरान दादरी जिले में अनेक डीसी, आरटीए, एडीसी व एसडीएम के नाम ओवरलोडिंग मामले में जुड़े. मई माह में रोहतक पुलिस द्वारा जब दो दलालों को ओवरलोडिंग मामले में वसूली करते काबू किया गया तो लगातार परतें खुलती चली गई.

मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करके जांच तेज की गई तो पुलिस ने दादरी आरटीए के सहसचिव मनीष मदान, कर्लक अमित कुमार व तत्कालीन डीसी अजय तोमर के पीए सुरेश कुमार को गिरफ्तार करके करीब 72 लाख रुपए की नकदी बरामद की. जांच के दौरान ही तत्कालीन डीसी अजय तोमर, एडीसी व आरटीए संगीता ततेरवाल का नाम सामने आया. पुलिस द्वारा काबू किए लोगों से पूछताछ व जांच के दौरान ओवरलोडिंग के बड़े खेल का खुलासा हो पाया. इस खेल में कई जिलों के डीसी, एडीसी, आरटीए व अन्य अधिकारियों की संलिप्पता पाई गई.

एसआईटी की जांच के दौरान ओवरलोडिंग मामले की करोड़ों रुपए का सरकारी खजाने में चूना लगाया गया. पुलिस सूत्रों की मानें तो आरटीए कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों के कहने पर ओवरलोडिंग वाहनों के काटे गए चालानों में कटिंग करके बड़ा खेल खेल गया. इसके अलावा प्रदेश के 6 जिलों में डीसी, एडीसी, आरटीए द्वारा प्रति गाड़ी 7 हजार से 7500 रुपए की मंथली ली गई. पुलिस को समक्ष दिए बयानों में दलालों ने स्वीकार किया कि वे मंथली उगाकर आरटीए कर्मचारियों के माध्यम से अलग-अलग जिलों के आरटीए व अन्य अधिकारियों तक पैसा भेजते थे.




ओवरलोडिंग वाहनों से प्रति माह 8 हजार रुपए की वसूली गई और कमीशन उनके बीच बराबर हिस्सों में बांटकर पैकेट के माध्यम से अधिकारियों के पास भेजा जाता था. पैकेट भेजने वाले को भी प्रति पैकेट 15 हजार रुपए का कमीशन निर्धारित किया गया था. तत्कालीन डीसी के पीए सुरेश कुमार ने भी माना कि वह डीसी अजय तोमर व एडीसी संगीता ततेरवाल को पैकेट पहुंचाता था.

पूर्व में दर्ज एफआईआर हुई रद्द, तीन आरटीए थे शामिल

करीब दो वर्ष पूर्व सीएम फ्लाइंग द्वारा ओवरलोडिंग मामले को लेकर दादरी आरटीए कार्यालय में छापेमार कार्रवाई की गई थी. कार्रवाई के दौरान ओवरलोडिंग मामले में करोड़ों के हेरफेर पाया गया था. इसके अलावा आरटीए कार्यालय द्वारा काटे गए वाहनों के चालानों में कटिंग की गई थी, जिसको लेकर तत्कालीन तीन आरटीए सहित कई कर्मचारियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज भी करवाई गई थी. लेकिन दोनों एफआईआर को बाद में रद्द कर दिया गया था.

संलिप्त अधिकारियों की संपत्ति की जांच के लिए ईडी को लिखा पत्र

सामाजिक संगठनों द्वारा ओवरलोडिंग मामले की जांच के लिए जहां लगातार सीबीआई की जांच की गई. वहीं अधिवक्ता संजीव तक्षक ने सामाजिक संगठनों के माध्यम से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने संलिप्त अधिकारियों की संपत्ति की जांच करवाने की मांग की है. साथ ही सीबीआई से जांच करवाने को लेकर राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजा है.

खट्टर सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, सीबीआई जांच से बच रही सरकार

पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि प्रदेश की खट्टर सरकार ने ओवरलोडिंग के नाम पर करोड़ों के भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है. सरकार के मंत्री, नेता व अधिकारी मिलकर लूटने का कार्य कर रहे हैं. इसलिए प्रदेश सरकार भी सीबीआई जांच करवाने से बच रही है.

पुलिस ने चालान पेश किया, जांच जारी

एसआईटी सदस्य व डीएसपी नरेंद्र कादयान ने फोन पर बताया मामले को लेकर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है. जांच के दौरान अनेक पहलुओं को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. इस मामले में जो भी संलिप्त या संदिग्ध हैं, उनसे पूछताछ जारी है. लगातार अधिकारियों व अन्य लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं.

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