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विदेशी धरती पर देश का नाम रोशन करने का सपना संजोए हैं 71 वर्षीय धावक रामफल
Charkhi-Dadri News in Hindi

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: January 24, 2020, 1:59 PM IST
विदेशी धरती पर देश का नाम रोशन करने का सपना संजोए हैं 71 वर्षीय धावक रामफल
खेतों के कच्चे रास्तों में सुबह-शाम 10 किलोमीटर की दौड़ लगाते हैं रामफल फौगाट

सेवानिवृत्त होने के बाद कुछ करने की मंशा लेकर गांव के कच्चे रास्तों पर दौड़ लगाते-लगाते ढलती उम्र में भी 71 वर्षीय रामफल फौगाट (Ramphal Phogat) का जज्बा युवाओं के पसीने छुड़ा रहा है. रामफल ने नेशनल स्तर (National Level) पर 36 मेडल (Thirty-Six Medal) जीत लिए हैं और हाफ मैराथन (Half marathon) में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए नेशनल स्तर पर नया रिकॉर्ड बना लिया.

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चरखी दादरी. सेवानिवृत्त होने के बाद कुछ करने की मंशा लेकर गांव के कच्चे रास्तों पर दौड़ लगाते-लगाते ढलती उम्र में भी 71 वर्षीय रामफल फौगाट (Ramphal Phogat) का जज्बा युवाओं के पसीने छुड़ा रहा है. रामफल ने नेशनल स्तर पर 36 मेडल (Thirty-Six Medal) जीत लिए हैं और हाफ मैराथन (Half marathon) में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए नेशनल स्तर पर नया रिकॉर्ड बना लिया. रामफल अब सिर्फ विदेशी धरती पर प्रदर्शन करने सपना संजोए हुए हैं. वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें आर्थिक मदद दे ताकि वह देश का नाम रोशन कर सकें.

36 मेडल जीते जिनमें 25 गोल्ड मेडल शामिल हैं

सेवानिवृति के बाद भी दादरी के गांव कमोद निवासी धावक रामफल फौगाट खेल जगत से जुड़े रहे और अनेकों राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदकों का ढेर लगा दिया. रामफल ने सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक 36 मेडल जीते हैं, जिनमें 25 गोल्ड मेडल शामिल हैं. रामफल 71 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी ऐसे दौड़ते हैं कि जवान भी उनको देखकर हैरान रह जाते हैं. हर रोज घर के कार्य करके खेतों के कच्चे रास्तों में सुबह-शाम 10 किलोमीटर की दौड़ लगाते हैं. पिछले दिनों मुंबई में हुई हाफ मैराथन दौड़ में रामफल ने रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया. इसके अलावा छोटी दौड़
प्रतियोगिता में भी रामफल ने कई पुरस्कार हासिल किए. ओल्ड बॉय के नाम से प्रसिद्ध रामफल अब तक राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर 36 मेडल जीत चुके हैं.

मुंबई में हुई हाफ मैराथन दौड़ में रामफल ने रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया.


सुबह-शाम लगाते हैं 10 किलोमीटर की दौड़

जिस उम्र में लोग अपने पैरों पर सही से खड़े भी नहीं हो पाते हैं उस उम्र में बुजुर्ग रामफल ने दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया. लोग छोटी सी उम्र में ही एथलीट बनने की तैयारी करते हैं, लेकिन रामफल ने नौकरी से सेवानिवृत्ति लेने के बाद 65 वर्ष की उम्र से इसकी शुरुआत की. रामफल बताते हैं कि वो सुबह 4 बजे उठकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं, जिसमें वो लगातार दौड़ और पैदल चलने का अभ्यास भी करते हैं. इसके अलावा वो इस उम्र में भी 10 किलोमीटर तक दौड़ लगाते हैं.ये भी पढ़ें - स्कूल के वॉशरूम में 9 साल की छात्रा से छेड़छाड़, आरोपी स्वीपर गिरफ्तार

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First published: January 24, 2020, 1:59 PM IST
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