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रोडवेज हड़ताल के दौरान चलीं स्कूल बसें, किराया न मिलने पर स्कूल संचालक लामबंद
Charkhi-Dadri News in Hindi

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: November 16, 2018, 12:12 PM IST
रोडवेज हड़ताल के दौरान चलीं स्कूल बसें, किराया न मिलने पर स्कूल संचालक लामबंद
स्कूल बसों ने संभाला था जिम्मा

दादरी जिले के निजी स्कूलों की बसों को जबरदस्ती हायर करके सवारियां बैठाई गई, जिसके कारण जहां उन्हें अब तक बसों का किराया तक नहीं मिल पाया है.

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पिछले दिनों हुई रोडवेज की हड़ताल के दौरान चली प्राइवेट बसों का किराया न मिलने पर स्कूल संचालक लामबंद हो गए हैं. निजी स्कूल संचालकों ने जहां अधिकारियों पर गैर कानूनी तरीके से बसों को हायर करने व उनके चालान काटने का आरोप लगाया. वहीं कहा कि पूरे मामले को लेकर वे कोर्ट की शरण लेंगे. अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने भी आरटीए विभाग के अधिकारियों ने बसों के चालान काटने के आरोप लगाए हैं. साथ ही निर्णय लिया कि किसी भी सरकारी कार्यक्रमों में निजी बसों को नहीं भेजेंगे.

निजी स्कूल संचालकों की बैठक दादरी के आर्यन स्कूल में प्रधान इन्द्रजीत फौगाट की अध्यक्षता में आयोजित की गई. मीटिंग में स्कूल संचालकों ने एकजुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला. निर्णय लिया कि सरकारी कार्यक्रम या रैलियों में स्कूल बसों को नहीं भेजेंगे.

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बैठक में कहा कि रोडवेज की हड़ताल के दौरान दादरी जिले के निजी स्कूलों की बसों को जबरदस्ती हायर करके सवारियां बैठाई गई, जिसके कारण जहां उन्हें अब तक बसों का किराया तक नहीं मिल पाया है. वहीं बसों का गैर कानूनी तरीके से चालान किया गया.



बैठक में यूनिवर्सल स्कूल चेयरमैन रामकिशन भाकर ने कहा कि 18 अक्तूबर को रोडवेज की हड़ताल के दौरान जन सुविधा के नाम पर निजी स्कूलों की बसों को प्रदेश सरकार और विभाग द्वारा हायर किया गया था. उस समय कुछ बसों को चार दिनों तक गैर कानूनी तरीके से सरकार के निर्देश पर आरटीए विभाग द्वारा बंद किया गया. इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानियां हुई.

बैठक में कहा गया कि इस दौरान कागजात के नाम पर बसों के चालान भी गैर कानूनी तरीके से किए गए. दो दिन स्कूलों में अवकाश करना पड़ा. रामकिशन भाकर ने कहा कि इस बारे में एसपी दादरी को प्रार्थना-पत्र दिए भी दो सप्ताह हो चुके हैं. आरटीए विभाग के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है. वहीं जिला प्रधान अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट ने कहा कि अगर जल्द ही इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यस्तरीय बैठक कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा. इस दौरान शिक्षा नियम 134 -ए के तहत पिछले चार साल का बकाया देने की भी मांग की गई.

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First published: November 16, 2018, 12:07 PM IST
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